प्रतीकात्मक तस्वीर
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जापान में एक शुरुआती अध्ययन में पाया गया कि करीब 80 प्रतिशत ऐसे लोग, जो सार्स-कोविड-2 से संक्रमित हैं, वे दूसरों को संक्रमित नहीं कर पाएंगे जबकि 20 प्रतिशत ही लोग ऐसे पाए गए थे जिनमें भारी संक्रमण था। इसी के आधार पर जापान सरकार कोविड-19 की रोकथाम के लिए चलाए गए अपने राष्ट्रीय अभियान में नागरिकों को 'तीन-सी' से बचने का सुझाव दे पाई और वो थे:
- बंद और खराब वेंटिलेशन वाली जगहों पर ना जाएं
- भीड़भाड़ वाली जगहों से जितना हो सके बचें
- बहुत करीब बैठकर बातचीत ना करें
डॉक्टर जिन्दाई कहते हैं, 'लोग को बस घरों में बैठे रहने की सलाह देने की बजाय, लोगों को सूचित करने की रणनीति हमारे ज्यादा काम आई।' हालांकि मार्च के मध्य में एक बार को जापान के टोक्यो शहर में भी मामलों में तेज उछाल दर्ज किया गया था और ये काफी हद तक इटली के मिलान, यूके के लंदन और अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में आए उछाल जैसा ही था।' लेकिन फिर चीजें कैसे संभलीं, क्या जापान लकी रहा, क्या जापानी लोगों ने स्मार्ट तरीके अपनाए, इसके एक नहीं, कई जवाब हैं।