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अध्ययन में दावा: पशुओं में बीमारी और संक्रमण रोकता है नाक से दिया जाना वाला ये कोरोना का टीका

Mon, 12 Jul 2021 02:17 PM IST
सोनू शर्मा पीटीआई, वॉशिंगटन

सार

नए अध्ययन के अनुसार, कोविड-19 से बचाव के लिए नाक से दिया जाने वाला एक प्रायोगिक टीका चूहों को घातक संक्रमण से पूरी तरह से बचाता है और फेरेट (नेवले की प्रजाति का जीव) में सार्स-सीओवी-2 को फैलने से रोकता है। 
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कोरोना वैक्सीन - फोटो : iStock
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आने वाले समय में कोरोना के कई टीके बाजार में आ जाएंगे, जिसमें नाक से दिया जाने वाला टीका भी शामिल होगा। इसको लेकर कई रिसर्च चल रहे हैं। अब एक नए अध्ययन के अनुसार, कोविड-19 से बचाव के लिए नाक से दिया जाने वाला एक प्रायोगिक टीका चूहों को घातक संक्रमण से पूरी तरह से बचाता है और फेरेट (नेवले की प्रजाति का जीव) में सार्स-सीओवी-2 को फैलने से रोकता है। 

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'साइंस एडवांसेज' पत्रिका में बताया गया कि यह नया टीका उसी तरह नाक में स्प्रे के माध्यम से दिया जाता है, जैसे कि आमतौर पर इन्फ्लूएंजा का टीका दिया जाता है। यह नया तरीका वर्तमान में स्वीकृत कोविड-19 टीकों को लगाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली विधि से अलग है। वर्तमान में स्वीकृत टीके लगाने के लिए इन्जेक्शन की आवश्यकता होती है। 

अमेरिका के जार्जिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर पॉल मैक्रे ने कहा, 'वर्तमान में उपलब्ध कोविड-19 टीके बहुत कारगर हैं, लेकिन दुनिया की अधिकांश आबादी को अब भी टीका नहीं लगा है और ऐसे टीकों की बहुत आवश्यकता है, जिनका इस्तेमाल आसान हो और जो बीमारी एवं संक्रमण को रोकने में प्रभावी हों।'  
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अध्ययन करने वाले वैज्ञानिकों में शामिल मैक्रे ने कहा, 'यदि यह नया कोविड-19 टीका लोगों के लिए प्रभावी साबित होता है, तो यह सार्स-सीओवी-2 के संक्रमण को रोकने और कोविड-19 को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।'  

अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि इस टीके की केवल एक खुराक की आवश्यकता होती है और इसे सामान्य रेफ्रिजरेटर के तापमान पर कम से कम तीन महीने तक संग्रहित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह टीका नाक से दिया जाता है, इसलिए इसे खासकर उन लोगों को देना आसान है, जिन्हें सुइयों से डर लगता है। 

जॉर्जिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और अध्ययन में शामिल बियाओ हे ने कहा, 'हमारे अध्ययन के आंकड़े दर्शाते हैं कि यह टीका न केवल संक्रमण से बचाता है, बल्कि इसकी संभावना को भी काफी कम करता है।' 

इस प्रायोगिक टीके के जरिये सार्स-सीओवी-2 स्पाइक प्रोटीन को कोशिकाओं में पहुंचाने के लिए एक हानिरहित पैरैनफ्लुएंजा वायरस 5 (पीआईवी5) का उपयोग किया जाता है, जो रोग प्रतिरोधी प्रतिक्रिया को शुरू करता है जो कोविड-19 संक्रमण से बचाता है। अध्ययन से पता चला है कि टीके ने चूहों में कोविड-19 के खिलाफ रोग प्रतिरोधी प्रतिक्रिया शुरू की। इसमें कहा गया है कि टीके ने फेरेट में भी संक्रमण भी रोका। 

स्रोत और संदर्भ:    
Protection of K18-hACE2 mice and ferrets against SARS-CoV-2 challenge by a single-dose mucosal immunization with a parainfluenza virus 5–based COVID-19 vaccine 
https://advances.sciencemag.org/content/7/27/eabi5246
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अस्वीकरण नोट: यह लेख 'साइंस एडवांसेज' पत्रिका रिसर्च रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण हों अथवा आप किसी रोग से ग्रसित हों तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।   

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