फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Coronavirus Vaccine: पूरी दुनिया को कब तक मिल पाएगी कोरोना वैक्सीन? सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ से जानें सच्चाई

Tue, 15 Sep 2020 03:54 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
coronavirus vaccine updates - फोटो : Pixabay/Amarujala
दुनियाभर में कोरोना से संक्रमितों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती ही जा रही है। अब तक इस वायरस पूरी दुनिया में दो करोड़ 94 लाख से भी ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि नौ लाख 33 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इस समय कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित देश अमेरिका है, जहां 67 लाख से भी ज्यादा लोग अब तक संक्रमित हो चुके हैं और मरने वालों की संख्या एक लाख 99 हजार हो चुकी है। वहीं भारत सबसे ज्यादा संक्रमण के मामले में दूसरे स्थान पर है। यहां अब तक 49 लाख से भी ज्यादा लोग संक्रमित हुए हैं और 80 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। इस वायरस से निपटने के लिए वैक्सीन तो बनाई जा रही है, लेकिन वह दुनियाभर के लोगों को कब तक मिलेगी, इसको लेकर असमंजस की स्थिति है। हालांकि भारत की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के प्रमुख अदार पूनावाला ने इस सवाल का जवाब दे दिया है।  
विज्ञापन

2 of 5
अदार पूनावाला - फोटो : Facebook/Bennett University
फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में अदार पूनावाला ने कहा है कि 2024 के अंत से पहले दुनियाभर के लोगों को दिए जाने के लिए कोरोना वैक्सीन का निर्माण नहीं हो सकेगा। उन्होंने कहा कि वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों ने इसके उत्पादन में तेजी से बढ़ोतरी नहीं की है, जिससे सभी लोगों को कम समय में ही वैक्सीन की खुराक दी जा सके। पूरी दुनिया के लोगों तक वैक्सीन पहुंचने में 4-5 साल का समय लग जाएगा।    
विज्ञापन

3 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
अदार पूनावाला ने पहले यह अनुमान लगाया था कि अगर मीजल्स या रोटा वायरस की तरह ही कोरोना वायरस के लिए भी वैक्सीन की दो खुराक की जरूरत होगी तो दुनियाभर के लोगों के लिए कम से कम 15 अरब वैक्सीन की खुराक की जरूरत पड़ेगी। 

4 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
वैक्सीन उत्पादन के लिए एस्ट्राजेनेका और नोवावैक्स से हुआ है करार 

सीरम इंस्टीट्यूट ने कोरोना वैक्सीन के उत्पादन के लिए पांच कंपनियों के साथ करार किया है, जिसमें एस्ट्राजेनेका और नोवावैक्स भी शामिल हैं। इन कंपनियों के साथ सीरम इंस्टीट्यूट ने वैक्सीन की एक अरब डोज तैयार करने का करार किया है और कहा है कि उसमें से 50 फीसदी वैक्सीन की डोज भारत को मिल सकती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, एस्ट्राजेनेका के साथ करार के तहत सीरम इंस्टीट्यूट 68 देशों के लिए वैक्सीन बना रही है जबकि नोवावैक्स के साथ वह 92 देशों के लिए वैक्सीन तैयार कर रही है।  
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
सीरम इंस्टीट्यूट भारत में 'कोविशील्ड' नाम से वैक्सीन लॉन्च करेगी। पिछले महीने ही अदार पूनावाला ने कहा था कि कोरोना की वैक्सीन इस साल के अंत तक तैयार हो सकती है। उन्होंने इसकी कीमत के बारे में कहा था कि अगले दो महीने में वैक्सीन के दामों का एलान किया जाएगा।  
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें