प्रतीकात्मक तस्वीर
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दूसरे चरण के ट्रायल में क्या होता है?
ट्रायल के दूसरे चरण में 100 लोगों के एक समूह को वैक्सीन की खुराक दी जाती है, जिसमें बच्चों और बुजुर्गों को भी शामिल किया जा सकता है। दरअसल, ऐसा यह देखने के लिए किया जाता है कि कहीं वैक्सीन का असर बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं में अलग-अलग तो नहीं हो रहा है। इस ट्रायल प्रक्रिया में डॉक्टरों द्वारा नियमित तौर पर उन लोगों की जांच की जाती है, जिन्हें वैक्सीन दी गई है कि उनमें इसका कोई साइड-इफेक्ट तो नहीं हो रहा और उससे इम्यूनिटी विकसित हुई है या नहीं। फिर होता ही तीसरे यानी अंतिम चरण की शुरुआत।