फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Coronavirus Vaccine: बुजुर्गों पर 'अधिक प्रभावी' हैं फाइजर और ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन, शोध में दावा

Tue, 02 Mar 2021 10:43 AM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 4
कोरोना वायरस वैक्सीन - फोटो : pixabay
भारत, अमेरिका और ब्रिटेन समेत दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान चल रहे हैं। इस अभियान के तहत लाखों लोगों को वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी है। भारत में जहां ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का इस्तेमाल हो रहा है, तो वहीं अमेरिका में फाइजर-बायोएनटेक और मॉडर्ना और ब्रिटेन में भी लोगों को फाइजर-बायोएनटेक और ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन दी जा रही है। ब्रिटेन के आधिकारिक आंकड़ों में दिखाया गया है कि यहां बुजुर्ग लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण और उससे होने वाली गंभीर बीमारी को कम करने के लिए फाइजर और ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के टीके अत्यधिक प्रभावी रहे हैं। इससे उनके अस्पताल में भर्ती होने की दर में 80 फीसदी से भी अधिक की कमी आई है। 
विज्ञापन

2 of 4
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड के अध्ययन के मुताबिक, 80 या उससे अधिक उम्र वाले लोगों पर वैक्सीन की एक ही खुराक 80 फीसदी से अधिक प्रभावी है और उन्हें अस्पताल में भर्ती होने से रोकती है। यह प्रभाव टीका लगने के तीन से चार हफ्ते बाद दिखता है। 
विज्ञापन

3 of 4
कोरोना वायरस वैक्सीन - फोटो : iStock
ब्रिटेन के स्वास्थ्य सचिव मैट हैनकॉक ने इस नए अध्ययन को 'बेहद अच्छी खबर' बताया है। उन्होंने कहा, 'विस्तृत आंकड़ों से पता चलता है कि पहली खुराक के 35 दिन बाद कोविड-19 से जो सुरक्षा मिलती है, उसमें फाइजर की तुलना में ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन थोड़ी बेहतर है।' 

विज्ञापन

4 of 4
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
अध्ययन के मुताबिक, दोनों टीके 70 साल और उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों में कोविड-19 के संक्रमण को कम करने में अत्यधिक प्रभावी हैं। फाइजर वैक्सीन की पहली खुराक लेने के बाद वायरस से 57 से 61 फीसदी के बीच सुरक्षा मिलती है, जबकि ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की पहली खुराक से 60 से 73 फीसदी के बीच सुरक्षा मिलती है। पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड की मैरी रैमसे कहती हैं, 'यह दर्शाता है कि टीके संक्रमण को कम करने और जीवन बचाने के लिए काम कर रहे हैं।' 

नोटः यह लेख पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड में प्रकाशित अध्ययन रिपोर्ट पर आधारित है, जिसमें शोध के बारे में विस्तार से बताया गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें