कोरोना वैक्सीन बनाने का काम लगातार जारी है। दुनियाभर के वैज्ञानिक सिर्फ इसी काम में लगे हुए हैं ताकि इस महामारी के प्रकोप से दुनिया को उबारा जा सके। चूंकि अभी तक स्पष्ट रूप से यह किसी ने भी नहीं बताया है कि वैक्सीन कब तक बाजार में उपलब्ध हो पाएगी, लेकिन अलग-अलग देश अपने-अपने दावे करने में लगे हुए हैं। अमेरिका और ब्रिटेन का कहना है कि उनकी वैक्सीन इस साल के अंत तक या 2021 की शुरुआत में ही मिल पाएगी। वहीं रूस ने तो यहां तक दावा कर दिया है कि वो अक्तूबर से देशभर में टीकाकरण अभियान चलाएगा। हालांकि ये सिर्फ दावे हैं, सच्चाई कुछ और भी हो सकती है, लेकिन जब तक कोई कारगर वैक्सीन नहीं बन जाती है, तब तक अलग-अलग बीमारियों में इस्तेमाल होने वाले दवाओं से ही काम चलाया जा रहा है और खुशी की बात तो ये है कि कई दवाइयां कोरोना के इलाज में कारगर भी साबित हो रही हैं। इस बीच अमेरिका की संघीय संस्था खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने भी कोरोना मरीजों के इलाज के लिए एक नई दवा को मंजूरी दी है। आइए जानते हैं ये दवा कौन सी है और ये कोरोना के इलाज में कितनी कारगर है।