कब तक आएगी कोरोना की वैक्सीन? यह सवाल पिछले कई महीनों से लोगों के जहन में घूम रहा है, लेकिन इसका सटीक और पुख्ता जवाब अभी तक नहीं मिल पाया है। हालांकि दावे जरूर किए जा रहे हैं कि वैक्सीन जल्द ही बाजार में उपलब्ध हो जाएगी। रूस ने तो यहां तक कह दिया है कि वो इसी महीने सबसे पहले शिक्षकों और स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन की खुराक देगा और उसके बाद सितंबर में टीकाकरण अभियान चलाएगा। लेकिन रूस के इस दावे पर कई देशों ने शक जताया है। उनका मानना है कि शायद वैक्सीन बनाने के लिए जरूरी सभी मानकों को ध्यान में नहीं रखा गया है। अब बात चाहे जो भी हो, लेकिन वैक्सीन बनाने का काम दुनियाभर में जोरों-शोरों से चल रहा है, यह बात तय है। हालांकि जब तक वैक्सीन नहीं आ जाती, तब तक अन्य बीमारियों के इलाज में काम आने वाली दवाओं पर ही रिसर्च चल रही है और कुछ दवाइयां तो कोरोना मरीजों को दी भी जा रही हैं। इस बीच यह दावा किया जा रहा है कि हेपेटाइटिस-सी यानी काला पीलिया की दवा खाने वाले मरीजों पर कोरोना वायरस का असर दिखाई नहीं दे रहा है। आइए जानते हैं इस दावे के बारे में विस्तार से...