कोरोना वायरस संक्रमण (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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क्यों हो रही है सांस लेने में दिक्कत
कैंसर रोग विशेषज्ञ, डॉ मनीष सिंघल बताते हैं कि इस बार सांस लेने में हो रही दिक्कत कोरोना को नए स्ट्रेन और डबल म्यूटेशन के कारण हो रही है। लोगों को इस बार ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि ऐसे भी देखने को मिल रहा है कि वायरस का इनक्यूबेशन पीरियड भी पिछले स्ट्रेन के मुकाबले कम है।
नए स्ट्रेन ने बढ़ाई दिक्कत
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जहां पहले वायरस के संपर्क में आने के 6-8 दिनों के बाद लक्षण दिखते थे वहीं अब नए स्ट्रेन में तीन से चार दिनों में ही लोगों को परेशानी होने लग रही है। इस स्थिति में बहुत जरूरी है कि हम और सतर्क होकर संक्रमण से मुकाबले को तैयार रहें।
सांस की दिक्कत को पहचानें
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सांस की दिक्कत को कैसे पहचानें
यदि आप एक मिनट में 25-30 बार सांस ले रहे हैं और ऑक्सीमीटर सेचुरेशन लगातार 95 से कम दिखा रहा है तो इसे सांस की दिक्कत के रूप में देखा जा सकता है। सामान्य तौर पर जिसे सांस की दिक्कत होती है उसको बुखार और उससे जुड़ी अन्य दिक्कतें होना सामान्य हो जाता है।
बुखार का लगातार बने रहना हो सकता है कोरोना का संकेत
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किन लक्षणों पर रखें विशेष ध्यान
डॉ मनीष सिंघल के मुताबिक इस समय इन लक्षणों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है।
- पांच दिनों से लगातार बुखार महसूस होना।
- पैरासीटामॉल लेने के बाद भी 100-101 से बुखार कम न होना।
- एक मिनट में 25-30 बार सांस लेना।
ऑक्सीमीटर से करते रहें जांच
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कैसे बढ़ाई ऑक्सीजन का स्तर
डॉ मनीष सिंघल के मुताबिक ऐसे समय में घबराएं नही। उल्टे लेटकर रहने से भी शरीर में ऑक्सीजन के स्तर में सुधार हो सकता है। शरीर में ऑक्सीजन के स्तर में अगर फिर भी सुधार नहीं होता है तो आप घर पर ही ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था करें। गंभीर स्थिति में अस्पताल जाना जरूरी हो जाता है।
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नोट: यह लेख कैंसर रोग विशेषज्ञ, डॉ मनीष सिंघल से एक बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
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