बुधवार को अमर उजाला फाउंडेशन की पहल कार्यक्रम में बच्चों के वैक्सीनेशन पर चर्चा की गई जिसमें डॉ विनय यादव, बाल रोग विशेषज्ञ, पटना, एम्स, डॉ सिद्धार्थ गुप्ता, एंटी टास्क फोर्स, नोएडा और डॉ सौरभ चौधरी, डायरेक्टर, विनायक हॉस्पिटल, नोएडा शामिल हुए। डॉ सौरभ ने बताया कि पूरे भारत में थर्ड वेव को लेकर तैयारियां चल रही है क्योंकि कहा जा रहा है कि ये बच्चों को प्रभावित करेगी। कई जगहों पर बच्चों पर वैक्सीनेशन के लिए ट्रायल्स भी हो रहे हैं। आने वाले 4 से 5 महीने में ये ट्रायल्स पूरे हो जाएंगे लेकिन फिलहाल बच्चों के माता-पिता को समय पर टीका लगवा लेना चाहिए ताकि उनकी सुरक्षा हो सके।
जान को खतरा नहीं होगा
चल रहे हैं ट्रायल्स
देश में कई सारे मेडिकल कॉलेज में बच्चों की वैक्सीन को लेकर ट्रायल्स हो रहे हैं। हालांकि इनके नाम जगजाहिर नहीं किये जाते हैं। डॉ सौरभ ने बताया कि जब बच्चों को वैक्सीन लगाई जाएगी तो इस बात का ध्यान रखना होगा कि किसी तरह की कोई ढिलाई न हो। वैक्सीन लगने के बाद बच्चों में किस तरह के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, उनपर भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।
बुखार में बच्चों को नहीं दी जाएगी वैक्सीन
उम्र के अनुसार तय होंगे डोज
डॉ सौरभ ने बताया कि 12 वर्ष से 18 वर्ष के बच्चों की इम्यूनिटी अच्छी होती है इसलिए पूरी उम्मीद है कि बच्चों पर वैक्सीन प्रभावशाली होगी। बच्चों में भी अलग-अलग उम्र के बच्चों के लिए वैक्सीन की डोज अलग- अलग होंगी। विदेश में फिलहाल 12 से 18 वर्ष के बच्चों के लिए पी फाइजर की वैक्सीन लगाने की शुरुआत हो चुकी है। हमारे यहां भी जल्द ही बच्चों के लिए वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू होगी।
अस्वीकरण- अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।