* सबसे पहले अपनी परेशानी का कारण जानने की कोशिश करें। क्या आपका कोई कलीग या सुपीरियर या फिर पक्षपाती व्यवस्था आपको इस स्थिति में डाल रही है? इसका पता लगाइए।
* अपने पुराने रेग्युलर ऑफिस रूटीन को न छोड़ें। पहले जितनी बजे आप उठते थे, तैयार होते थे, खाना खाते थे, उसे वैसे ही अपनाए रहिए।
* सोमवार को होने वाली मीटिंग या प्रेजेंटेशन या ऑफिस के अन्य रूटीन के लिए खुद को शुक्रवार से ही तैयार कीजिए। इससे शनिवार या रविवार को अचानक आपको सोमवार का डर नहीं सताएगा, बल्कि हो सकता है शुक्रवार को ही आपको इसके लिए उपाय भी सूझ जाएं।
* खासकर उन कामों को जिनको आप बोर या बोझ मानकर चल रहे हैं, शुक्रवार को ही खत्म करने का प्रयास करें। इससे जब आप मंडे को ऑफिस ज्वाइन करेंगे तो आपके काम भी हो चुके होंगे और आप पर कोई दबाव भी नहीं होगा।
* नौकरी छोड़ना हर बात का समाधान नहीं होता। खासकर अगर आपके मंडे ब्लूज़ की वजह कुछ ऐसी है, जिसे सुलझाया जा सकता है। फिर अभी की स्थितियों में तो नौकरी छोड़ने का विकल्प भी नहीं है। इसलिए अपने परिवार या खास मित्रों के बीच अपनी समस्या रखें। कई समस्याओं का हल आपसी बातचीत में ही निकल आता है।
* मेडिटेशन, योग, अच्छा संगीत, भरपूर नींद और वर्चुअल दुनिया मे कम समय बिताना प्रभावी उपाय हो सकते हैं। इनके अलावा आप अपनी पसंद की किसी भी रचननात्मक गतिविधि को समय दे सकते हैं। इससे आपको पॉजिटिव एनर्जी मिलेगी। जो आपका काम के प्रति उत्साह बढ़ाएगी और आपको चिंताओं से दूर रखेगी।
* वीकेंड में अगर बाहर घूमने जा रहे हों तो हमेशा जल्दी घर से निकलें और जल्दी वापस लौटने की कोशिश करें। इससे आपको लेट नाइट आकर घर और दफ्तर के काम पूरे करने का टेंशन नहीं होगा और आपकी नींद भी पूरी हो पाएगी। यानी मंडे मॉर्निंग हैप्पी रहेगी।
* सबसे खास बात खुद को प्रेरित करते रहें। उन लोगों के बारे में सोचें जो आपसे भी कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन कर रहे हैं और हफ्ते में सातों दिन, चौबीस घंटे काम करना जिनकी ड्यूटी है। अपने जीवन के अच्छे पक्षों से प्रेरणा लें और चुनौतियों के लिए खुद को तैयार रखें।