उत्तर प्रदेश अधीनस्थ कर्मचारी आयोग (यूपीएसएससी) ने यूपी राज्य में विभिन्न पदों के लिए प्रारंभिक परीक्षा के रूप में पहली बार पीईटी (प्रारंभिक पात्रता परीक्षा) परीक्षा की घोषणा की है। ये 24 अगस्त 2021 को यूपी के सभी जिलों में दो पालियों में कराया गया। ये परीक्षा प्रदेश में पहली बार हो रही है। कट ऑफ न्यूनतम अंक है जो उम्मीदवारों को योग्य घोषित करने के लिए परीक्षा के लिए प्राप्त करना होगा। UPSSSC अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर UPSSSC PET परिणाम के साथ UPSSSC PET कट ऑफ जारी करेगा। प्रारंभिक पात्रता परीक्षा में अर्हता प्राप्त करने के लिए उम्मीदवार को कट ऑफ अंक से अधिक अंक प्राप्त करने होंगे। केवल UPSSSC PET कट ऑफ मार्क्स से अधिक स्कोर करने वाले उम्मीदवारों को 1 वर्ष की वैधता वाला एक प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा जिसके साथ वे विभिन्न ग्रुप बी और सी पदों के लिए उपस्थित हो सकते हैं। ऐसे में अगर आप राजस्व लेखपाल भर्ती की तैयारी कर रहे हैं तो इस भर्ती के लिए आयोजित की जाने वाली परीक्षा की पक्की तैयारी करने के लिए सफलता डॉट कॉम द्वारा चलाए जा रहे खास FREE UPSSSC PET Online Course - Join Now फ्री ई-बुक कोर्स की मदद ले सकते हैं।
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UPSSSC PET के लिए कट-ऑफ:
इस परीक्षा के लिए करीब 21 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। क्योंकि ये परीक्षा राज्य में सभी नौकरियों के लिए अनिवार्य है तो उम्मीद है कि इसमें ज्यादा से ज्यादा अभ्यर्थी पास होंगे।
पहली बार ही PET के लिए हुए बंपर आवेदन
उत्तर प्रदेश में अब ग्रुप B और ग्रुप C की नौकरी में आवेदन के लिए UPSSSC (PET) परीक्षा में उतीर्ण होना जरूरी है। कई महत्वपूर्ण पदों के लिए इस परीक्षा को पास करने की अनिवार्यता को देखते हुए PET 2021 के लिए भारी संख्या में युवाओं ने आवेदन किए हैं। इन पदों के लिए इतनी संख्या में आवेदन को देखते हुए कई अभ्यर्थियों के मन मे यह सवाल उठ रहा है कि इस परीक्षा में कट-ऑफ क्या होगा और इसे किन आधारों पर निर्धारित किया जाएगा।
UPSSSC PET 2021 का कट ऑफ इन बिंदुओं पर करेगा निर्भर
आवेदकों की संख्या : यदि आवेदकों की संख्या अधिक है, तो कट-ऑफ भी अधिक होगा।
कुल रिक्तियां : रिक्तियां जितनी अधिक होंगी, कट-ऑफ उतना ही कम होगा। इसलिए कट-ऑफ सीधे कुल रिक्तियों पर निर्भर करता है।
मैक्सिमम मार्क्स सिक्योर्ड : एक अभ्यर्थी द्वारा परीक्षा में प्राप्त अधिकतम अंक भी उस वर्ष के कट-ऑफ को प्रभावित करते हैं।
इससे कम स्कोर वाले अब लेखपाल में नहीं बैठ पाएंगे
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