नए लोगो में क्या खास?
नए लोगो के केंद्र में राष्ट्रीय प्रतीक है, जो राष्ट्र की सेवा और अधिकार का प्रतिनिधित्व करता है। इसके चारों ओर बरगद के पत्तों की माला बनाई गई है, जो ज्ञान और धैर्य का प्रतीक है। नीचे की ओर एक पट्टी पर 'संग लोक सेवा' अंकित है, जो आयोग की जिम्मेदारी और कर्तव्यनिष्ठा को रेखांकित करता है।

विशेष शताब्दी लोगो भी पेश किया
आयोग ने एक विशेष शताब्दी लोगो भी प्रस्तुत किया है। इसमें तरंग के आकार का डिजाइन आयोग की सौ साल की प्रगतिशील, दृढ़ और अनुकूलनशील यात्रा को दर्शाता है। इस लोगो में ‘100’ के अंतिम ‘0’ के भीतर UPSC का प्रतीक शामिल है, जो भारत की प्रशासनिक यात्रा में इसकी केंद्रीय भूमिका को प्रदर्शित करता है।

एक अनोखी पहल की शुरुआत
शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के हिस्से के रूप में यूपीएससी ने एक विशेष पहल ‘My UPSC Interview: From Dream to Reality’ भी शुरू की है। यह पोर्टल innovateindia.mygov.in/upsc/ पर उपलब्ध है। इस पहल के तहत सेवामुक्त और वर्तमान सिविल सेवकों को आमंत्रित किया गया है कि वे अपने यूपीएससी इंटरव्यू के अनुभव साझा करें। प्रविष्टियां 31 दिसंबर 2025 तक स्वीकार की जाएंगी और चयनित अनुभवों को संकलित कर शताब्दी वर्ष 2026 के दौरान प्रकाशित किया जाएगा।
1 अक्तूबर को मनाया जाता है स्थापना दिवस
संघ लोक सेवा आयोग की स्थापना 1 अक्तूबर 1926 को ली कमीशन की सिफारिशों और भारत सरकार अधिनियम, 1919 के प्रावधानों के तहत हुई थी। तब से लेकर आज तक आयोग देश की योग्यता आधारित सिविल सेवा प्रणाली की रीढ़ माना जाता है।