एक ओर देश में बेरोजगारी बढ़ती जा रही है, वहीं दूसरी ओर से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में हजारों पद खाली पड़े हैं। सरकारी आंकड़ों से खुलासा हुआ है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 41 हजार से ज्यादा पद खाली पड़े हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि एक दिसंबर तक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कुल स्वीकृत पदों में से पांच फीसदी यानी 41,177 पद खाली थे। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (Public Sector Banks) में 8,05,986 से अधिक स्वीकृत पद हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, बैंकों में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में सबसे ज्यादा 8,544 पद खाली थे।
लोकसभा में यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार इस तथ्य से अवगत है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कर्मचारियों की भारी कमी है, जिसके कारण वे अपने कर्तव्यों का ठीक से पालन नहीं कर पा रहे हैं, मंत्री ने नहीं में उत्तर दिया। इसके जवाब में केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से प्राप्त इनपुट का हवाला देते हुए कहा कि इस साल 01 दिसंबर को, स्वीकृत कर्मचारियों की संख्या के मुकाबले 95 प्रतिशत कर्मचारी कार्यरत स्थिति में हैं। यानी की सिर्फ पांच फीसदी पद खाली हैं।