बेस्ट अखाड़ा भी बेहद जरूरी
कुश्ती सीखने या एक पहलवान बनने के लिए सबसे पहला जरूरी काम होता है सही अखाड़ा चुनना। कोई अखाड़ा कितना अच्छा है इसका पता इस बात से चलता है कि वहां से कितने पहलवान नैशनल और इंटरनैशनल लेवल पर मेडल जीते हैं। आप इस संबंध में उस अखाड़े या ट्रेनिंग सेंटर में सीख रहे बच्चों से जानकारी ले सकते हैं।
सुविधाओं का स्तर
अच्छे अखाड़े में परंपरागत सहित आधुनिक पहलवानी की भी सारी सुविधाएं होनी जरूरी होती हैं। उदाहरण प्रैक्टिस के लिए मैट की व्यवस्था, एसी हॉल, लेटेस्ट इक्विपमेंट के साथ वहां जिम व अन्य सुविधाएं।
कोच है अहम
खिलाड़ी का प्रदर्शन कुछ हद तक अखाड़े में सिखाने वाले कोच पर निर्भर करता है। कोच के पास स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा संचालित संस्थान से डिप्लोमा होना चाहिए। गौरतलब है, जरूरी नहीं कि अच्छा पहलवान अच्छा कोच भी हो। इसलिए एक अच्छा कोच देखकर ही ट्रेनिंग करें।
स्टेट लेवल पहलवान
ऐसे कोच की तलाश करें, जिसके पास राज्य स्तर या उससे ऊपर के स्तर पर पहलवानों को प्रशिक्षित करने का अनुभव हो। कई राज्य हर साल राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन करते हैं, इनमें शामिल हों। इसके लिए जरूरी है कि किसी कुश्ती क्लब या टीम में शामिल हों। इससे आपकी अनुभवी कोचों से जान पहचान होगी।
नेशनल लेवल
राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं के अलावा, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं भी होती हैं। ये प्रतियोगिताएं भारतीय राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने का अवसर प्रदान करती हैं। भारत में नेशनल लेवल पर वरिष्ठ राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप, जूनियर राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप, युवा राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप, सब-जूनियर राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप, कैडेट राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं।