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UP: हजारों शिक्षकों की भर्ती पर संकट के बादल

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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल होने के बाद चयन बोर्ड की कई परीक्षाओं के रिजल्ट पर संकट खड़ा हो सकता है।
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चयन बोर्ड की वर्तमान अध्यक्ष अनीता यादव एवं दो सदस्यों आशालता सिंह और ललित कुमार श्रीवास्तव की योग्यता पर सवाल उठाए जाने के बाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से इस बारे में जवाब मांगा है।

इस मामले में छह जुलाई को सुनवाई है। इससे पहले भी ‘शिक्षक ले रहे प्रधानाचार्य का इंटरव्यू’ शीर्षक से अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद कानपुर के एक अभ्यर्थी की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल होने के बाद प्रधानाचार्य के इंटरव्यू के रिजल्ट पर रोक लगा दी गई थी, जो आज भी कायम है।
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चयन बोर्ड के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. आशाराम यादव के कार्यकाल में भी साक्षात्कार के समय इंटर कॉलेज के शिक्षक मनोज यादव, राम औतार यादव, आशालता सिंह और ललित कुमार श्रीवास्तव बोर्ड के सदस्य थे।
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सरकार से जवाब मांगा

यदि कोर्ट ने मानक को आधार बनाकर वर्तमान अध्यक्ष अनीता यादव, आशालता सिंह तथा ललित कुमार श्रीवास्तव को साक्षात्कार के लिए अयोग्य ठहराया तो निश्चित रूप से पूर्व में साक्षात्कार एवं अंतिम परीक्षाफल प्रभावित हो सकता है।

हाईकोर्ट ने अपात्रों को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड का सदस्य बनाए जाने पर सरकार से जवाब मांगा है। हाईकोर्ट की ओर से राज्य सरकार से जवाब मांगे जाने के बाद चयन बोर्ड की मनमानी का विरोध करने वाले अभ्यर्थियों ने खुशी जताई है।

चयन बोर्ड की वर्तमान अध्यक्ष अनीता यादव इटावा के केके इंटर कॉलेज में एलटी ग्रेड शिक्षिका हैं तो आशालता विषय विशेषज्ञ से 2007 में प्रवक्ता बन गई हैं जो पर्याप्त अनुभव नहीं होने से साक्षात्कार नहीं ले सकती हैं। इसी प्रकार ललित कुमार श्रीवास्तव लिपिक के बाद से एलटी ग्रेड शिक्षक बनने के बाद सीधे चयन बोर्ड के सदस्य बन गए।
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