BPSC Paper Leak: पेपर किया गया रद्द
बिहार लोक सेवा आयोग ने (BPSC) 67वीं संयुक्त प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा पेपर लीक होने के कारण रद्द कर दी है। पेपर लीक का मामला सामने के बाद आयोग की ओर एक तीन सदस्यीय समिति बनाई गई थी। समिति को 24 घंटे में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया था, लेकिन जानकारी के अनुसार, समिति ने महज तीन घंटे में ही रिपोर्ट सौंप दी और परीक्षा निरस्त करने की सिफारिश कर दी थी। अब मामले की जांच राज्य की आर्थिक अपराध विंग (EOW) कर रही है। मामले की जांच जारी है और आरा के एक परीक्षा केंद्र अधीक्षक समेत चार कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
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विपक्ष ने बोला हमला
बीपीएससी के पेपर लीक मामले में अब राजनीति भी शुरू हो गई है। आरजेडी नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार लोक सेवा आयोग का नाम बदलकर बिहार लोक पेपर लीक आयोग करने का सुझाव देते हुए तंज कसा है। वहीं, राज्य के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने सरकार का बचाव किया है। उन्होंने लिखा कि जिनके शासनकाल में BPSC सीएम हाउस की कठपुतली बन गई थी,रिज़ल्ट सेटिंग के कारण BPSC अध्यक्ष तक को जेल जाना पड़ा आज वही लोग सरकार के काम-काज पर सवाल उठा रहें हैं। पेपर लीक मामले पर सरकार कारवाई कर रही है,युवाओं के भविष्य से खेलने वालों को बख़्शा नहीं जाएगा,चाहे कोई हो। वहीं, बिहार के उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि हम लोग जीरो टॉलरेंस पर काम करते हैं। हमारी सरकार सख़्त से सख़्त कार्रवाई करेगी। तेजस्वी यादव क्या बोलते हैं ये विषय नहीं है। मेरे लिए विषय है कि राज्य में ऐसी घटना होती है तो सरकार किस प्रकार कार्रवाई करती है।