ओमप्रकाश गुप्ता बताते हैं कि पांच साल तक मैंने टीचिंग सेक्टर में नौकरी की। आखिरकार 2017 में बीपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए नौकरी छोड़ी। दुकानदारी करते-करते पढ़ाई करता था। जब कोई ग्राहक नहीं आता तो मैं अपनी किताबों में गुम हो जाता था। सरकारी स्कूल में पढ़ने की वजह से कम्युनिकेशन स्किल कमजोर थी। इसलिए उस पर काम करता था। एक साल की कड़ी मेहनत के बाद 2018 में बीपीएससी की 64वीं परीक्षा दी और सफलता हासिल की।
ओमप्रकाश कहते हैं कि मेरा उद्देश्य लोगों को बेहतर सेवा देना, गरीबी और बेरोजगारी को दूर करना है। मैं एक सरकारी कर्मचारी के रूप में कड़ी मेहनत और लगन के साथ काम करना चाहता हूं। मुझे एडमिनिस्ट्रेशन सेक्टर में पोस्ट मिली है। जहां मैं डिजिसजन मेकिंग विंग में काम और जनता की सेवा करूंगा।