कोरोना ने न केवल हजारों लोगों की जिंदगी छीन ली, बल्कि उससे भी ज्यादा लोगों की रोजी-रोटी छीन ली। लॉकडाउन के कारण उद्योग-धंधे और बाजार बंद हुए तो लाखों लोग सड़क पर आ गए। ऐसे लोगों के पास कोई रोजगार नहीं बचा और उनका घर का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया। अगर आप भी ऐसे लोगों में से एक हैं, और आपको भी नौकरी की तलाश है तो आप भी दिल्ली सरकार के रोजगार पोर्टल (Jobs.delhi.gov.in) पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। यहां आपको जल्द से जल्द आपकी पसंद के अनुसार नौकरी मिल सकती है। यहां अभी भी 9522 पद रिक्त हैं।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने (Jobs.delhi.gov.in) की शुरुआत पिछले वर्ष की थी। इसका उद्देश्य था कि जिन लोगों को नौकरी नहीं मिल रही है उन्हें रोजगार दिलाया जा सके। इस पोर्टल पर जिन्हें नौकरी चाहिए वे लोग आवेदन कर रहे हैं। साथ ही नियोक्ता भी अच्छे कर्मचारी के लिए यहां अपने लिए अच्छे कर्मचारी के लिए तलाश कर रहे हैं। नियोक्ता कंपनियां यहां अच्छी-अच्छी नौकरियों का ऑफर भी दे रहे हैं, जिससे युवा इसकी ओर काफी आकर्षित हो रहे हैं।
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि अकेले जून माह में ही अब तक एक हजार लोगों को पोर्टल पर रजिस्टर किया जा चुका है। इस दौरान 300 नई नौकरियां भी पोर्टल पर डाली गई हैं जिससे लोग इनके लिए आवेदन कर सकें। उन्होंने कहा कि यह प्रयोग नौकरी पाने वालों और नौकरी देने वालों, दोनों के लिए काफी कारगर साबित हुआ है।
दिल्ली में कुल 34,212 नौकरी खोजने वालों को पंजीकृत किया गया है। इसके अलावा 01 से 30 जून 2021 के बीच 9,522 नई भर्तियां पोस्ट की गई हैं। इसके अलावा नौकरी चाहने वालों और रोजगार देने वालों के बीच में हर दिन 2500 बार व्हाट्सएप, फोन कॉल और सीधे आवेदन के माध्यम से संपर्क हुआ है। जून में नौकरी चाहने वालों और नियोक्ताओं के बीच कुल मिलाकर 75,000 बार संपर्क हुआ है।
पोर्टल पर सूक्ष्म व्यवसाय से लेकर, रसोइया, दर्जी, टेक्नीशियन, एमएसएमई लेखाकार, वेब डिज़ाइनर, सेल्स और मार्केटिंग पर्सन से लेकर अस्पतालों तक में कर्मचारियों को नौकरी देने के लिए रोजगार बाजार पर भरोसा जताया है।
वर्तमान में सबसे अधिक नौकरियां ग्राहक सहायता, डिलीवरी एग्जीक्यूटिव और सेल्स में हैं। रोजगार बाजार पर फुल टाइम जॉब के साथ-साथ पार्ट टाइम और वर्क फ्रॉम होम नौकरी के विकल्प भी उपलब्ध हैं। फ्रेशर्स के लिए लगभग 45 फीसदी पोस्ट उपलब्ध हैं। वहीं पुरुष-महिला के हिसाब से देखें तो कुल 41 फीसदी नौकरी उपलब्ध हैं। जिसमें से पुरुषों के लिए 36 फीसदी और महिलाओं के लिए 23 फीसदी नौकरी उपलब्ध हैं।