झारखंड के पूर्व मंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री रघुबर दास के करीबी माने जाने वाले सरयू राय ने विधानसभा टिकट कटने पर भाजपा पर आरोप लगाया है। सरयू रॉय ने सोमवार को कहा कि भाजपा द्वारा उन्हें टिकट नहीं देने की एक वजह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उनकी नजदीकी हो सकती है।
राय जमशेदपुर (पूर्व) सीट से मुख्यमंत्री रघुबर दास के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। वो सोमवार को अपना नामांकन पत्र भी दाखिल कर चुके हैं। राय ने कहा कि उम्मीदवारों की सूची को मंजूरी देने वाले भाजपा संसदीय बोर्ड के कम से कम तीन सदस्यों ने मुझे बताया कि नीतीश कुमार द्वारा 2017 में मेरी पुस्तक फ्रेंड के विमोचन पर कड़ी नाराजगी जताई गई।
उन्होंने कहा, संभवत: यही मुझे टिकट नहीं दिए जाने का एक कारण बना। राय ने कहा, नीतीश ने 2017 में एक बार फिर भाजपा से हाथ मिलाकर बिहार में राजग सरकार का गठन किया था। मेरी पुस्तक गैर-राजनीतिक विषय पर थी और नीतीश कुमार से इसका विमोचन कराना कोई अपराध नहीं है। राय ने झारखंड के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
इस्तीफा देने के बाद उन्होंने जमशेदपुर (पूर्व) सीट से मुख्यमंत्री रघुबर दास के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, यह (कुमार द्वारा पुस्तक का विमोचन) भाजपा द्वारा मुझे टिकट नहीं दिए जाने का एक कारण हो सकता है। राय ने दावा किया कि जद(यू) के साथ-साथ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने चुनाव में उन्हें समर्थन देने का वादा किया है।