झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी का अभियान तेज है। इसी कड़ी में एसीबी की टीम ने बुधवार को हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड में कार्रवाई करते हुए कराली पंचायत के पंचायत सचिव तालेश्वर राम को 9 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। पंचायत सचिव पर पीसीसी सड़क निर्माण योजना की बकाया राशि के भुगतान के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
एसीबी के अनुसार, केरेडारी प्रखंड के केमो गांव निवासी 78 वर्षीय दिगेश्वर पाण्डेय ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, 15वें वित्त आयोग की योजना के तहत केमो गांव में कालीकरण पीसीसी रोड से देवी मंडप तक पीसीसी पथ का निर्माण स्वीकृत हुआ था। योजना संख्या 26/2024-25 के तहत इस कार्य के लिए 3 लाख 38 हजार रुपये की प्राक्कलित राशि निर्धारित की गई थी। योजना का कार्य अध्यक्ष साधुचरण पाण्डेय और सचिव दिगेश्वर पाण्डेय की देखरेख में कराया गया था।
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शिकायत के अनुसार, योजना के तहत करीब 2 लाख 84 हजार रुपये का भुगतान हो चुका था। शेष राशि के भुगतान के लिए पंचायत सचिव तालेश्वर राम से संपर्क करने पर उन्होंने कथित तौर पर 9 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहते थे। इसके बाद उन्होंने एसीबी के हजारीबाग कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
एसीबी ने शिकायत का तकनीकी माध्यम से सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने के आरोप की पुष्टि होने के बाद 27 अक्टूबर 2026 को एसीबी थाना कांड संख्या 11/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया।
इसके बाद बुधवार को दंडाधिकारी और दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में गठित ट्रैप टीम ने कार्रवाई की। इस दौरान पंचायत सचिव तालेश्वर राम को शिकायतकर्ता से 9 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। एसीबी के पुलिस अधीक्षक के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।