नए प्रवेश द्वार से डोरंडा, हिनू, एयरपोर्ट, बिरसा चौक और धुर्वा की ओर से आने वाले यात्रियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। वहीं, कोकर, बूटी मोड़, खेलगांव, हरमू और किशोरगंज समेत शहर के अन्य इलाकों से आने वाले यात्रियों को राजेंद्र चौक होकर जाना पड़ेगा।
रांची रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य के तहत एक नवंबर से प्लेटफॉर्म नंबर-1 की ओर से यात्रियों के प्रवेश पर रोक लग जाएगी। इसके बाद प्लेटफॉर्म नंबर-6 की ओर बने नए प्रवेश द्वार से यात्रियों को स्टेशन में प्रवेश करना होगा। करीब 447 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन का पुनर्विकास किया जा रहा है। नए प्रवेश द्वार के शुरू होने से शहर के अलग-अलग इलाकों से आने वाले यात्रियों के रास्ते बदल जाएंगे।
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नए प्रवेश द्वार से दोरंडा, हिनू, एयरपोर्ट, बिरसा चौक और धुर्वा की ओर से आने वाले यात्रियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। वहीं, कोकर, बूटी मोड़, खेलगांव, हरमू और किशोरगंज समेत शहर के अन्य इलाकों से आने वाले यात्रियों को स्टेशन पहुंचने के लिए दोरंडा और राजेंद्र चौक की ओर से जाना पड़ सकता है। इससे उनकी दूरी बढ़ने के साथ रास्ते में जाम की समस्या भी हो सकती है।
रांची रेलवे स्टेशन का कायाकल्प अंतिम चरण में है। पुनर्विकास के तहत स्टेशन को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। नए प्रवेश द्वार पर यात्रियों की सुविधा के लिए प्लेटफॉर्म टिकट की मशीनें भी लगाई गई हैं। इससे टिकट लेने में आसानी होगी और भीड़ प्रबंधन में मदद मिलेगी। रेलवे स्टेशन पर प्रवेश और निकास की व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। नए भवन और आकर्षक डिजाइन से स्टेशन का स्वरूप पूरी तरह बदलने की उम्मीद है।
पुराने प्रवेश द्वार को बंद करने के बाद प्लेटफॉर्म नंबर-1 के क्षेत्र में भी सुंदरीकरण का काम किया जाएगा। हालांकि, नए मार्ग के कारण शहर के किन इलाकों के यात्रियों की दूरी कितनी बढ़ेगी, यह निर्धारित मार्ग व्यवस्था पर निर्भर करेगा। ऐसे में यात्रियों को सलाह है कि ट्रेन पकड़ने के लिए घर से निकलते समय अतिरिक्त समय लेकर चलें।