करीब 500 करोड़ रुपये के कथित जीएसटी घोटाले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को जमशेदपुर में बड़ी कार्रवाई की। ईडी की टीम ने कारोबारी ज्ञान चंद जायसवाल और संजय पारिख से जुड़े ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया। यह कार्रवाई कथित जीएसटी घोटाले की जांच के दूसरे चरण के तहत की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, मामले की जांच के दौरान ईडी ने दोनों कारोबारियों को पूछताछ के लिए समन जारी किया था। उन्हें एजेंसी के समक्ष उपस्थित होकर पूछताछ में शामिल होने का निर्देश दिया गया था। आरोप है कि समन के बावजूद दोनों कारोबारी पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद ईडी ने उनके ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई शुरू की।
बताया जा रहा है कि कथित जीएसटी घोटाले की जांच का दायरा जमशेदपुर के अलावा कोलकाता तक जुड़ा हुआ है। मामले के पहले चरण में ईडी ने इससे जुड़े कारोबारियों और अन्य संदिग्धों की गतिविधियों की जांच की थी। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और वित्तीय लेनदेन के आधार पर कुछ लोगों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल किए जाने की जानकारी सामने आई है।
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अब जांच के दूसरे चरण में ईडी उन कारोबारियों और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है, जिनका कथित जीएसटी अनियमितताओं से संबंध सामने आया है। इसी क्रम में ज्ञान चंद जायसवाल और संजय पारिख को पूछताछ के लिए बुलाए जाने की बात सामने आई थी।
तलाशी अभियान के दौरान ईडी की टीम कारोबार से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड, खातों से संबंधित कागजात और डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित जीएसटी अनियमितताओं से जुड़े लेनदेन और कारोबारी गतिविधियों में किन लोगों या संस्थाओं की भूमिका रही है।
हालांकि, तलाशी के दौरान अब तक क्या-क्या बरामद हुआ है, इसकी आधिकारिक विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। ईडी की कार्रवाई पूरी होने के बाद बरामद दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड या अन्य साक्ष्यों के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल जमशेदपुर में दोनों कारोबारियों से जुड़े ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई जारी है। जांच के दूसरे चरण में कथित जीएसटी घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आने की संभावना है।