जमशेदपुर के नौवीं कक्षा के छात्र अक्षत सरकार ने रसोई गैस रिसाव का पता लगाने के लिए महज 50 रुपये की एलपीजी सेफ्टी टेप विकसित करने का विचार पेश किया है। उनके इस नवाचार के लिए अमेरिका की जॉर्ज मेसन यूनिवर्सिटी के मर्केटस सेंटर से जुड़े इमर्जेंट वेंचर्स ने 9,500 डॉलर की अंतरराष्ट्रीय ग्रांट दी है।
जमशेदपुर के नौवीं कक्षा के छात्र अक्षत सरकार ने रसोई गैस रिसाव का पता लगाने के लिए महज 50 रुपये की एलपीजी सेफ्टी टेप का विचार विकसित किया है। इस उपयोगी नवाचार के लिए उन्हें अमेरिका स्थित जॉर्ज मेसन यूनिवर्सिटी के मर्केटस सेंटर से जुड़े इमर्जेंट वेंचर्स से 9,500 डॉलर की अंतरराष्ट्रीय ग्रांट मिली है।
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सस्ती तकनीक से सुरक्षा का सपना
अक्षत की इस विशेष पहल का नाम 'टीएस जीएलडीसी सेफ्टी टेप' है। इसका मुख्य उद्देश्य एलपीजी गैस के रिसाव का समय पर पता लगाकर घरों में होने वाली गंभीर दुर्घटनाओं को रोकना है। अक्षत एक ऐसी किफायती और सरल तकनीक विकसित कर रहे हैं, जिसका लाभ देश के करोड़ों परिवार आसानी से उठा सकें। वे इस टेप का मूल्य केवल 50 रुपये रखना चाहते हैं। इससे पहले भी उनके इस अनूठे नवाचार को प्रतिष्ठित इंस्पायर-मानक अवॉर्ड्स के तहत विशेष पहचान हासिल हो चुकी है।
प्रयोगशाला निर्माण की तैयारी
जॉर्ज मेसन यूनिवर्सिटी की सीनियर रिसर्च फेलो श्रुति राजगोपालन द्वारा प्रेषित पत्र में इस अंतरराष्ट्रीय ग्रांट की आधिकारिक पुष्टि की गई है। विस्तृत चयन प्रक्रिया और प्रस्ताव के मूल्यांकन के बाद अक्षत को यह वित्तीय सहयोग दिया गया है। प्राप्त राशि का उपयोग कर अक्षत एक विशेष प्रयोगशाला स्थापित करेंगे। इस प्रयोगशाला में वे अपनी इस सेफ्टी टेप का वैज्ञानिक परीक्षण, जांच और तकनीकी विकास पूरा करेंगे। इसके साथ ही भविष्य में वे भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और देश की प्रमुख एलपीजी कंपनियों के साथ रणनीतिक सहयोग की संभावनाएं तलाशेंगे।
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साथी छात्रों को जोड़ने की पहल
अक्षत अपनी इस सफलता को केवल स्वयं तक सीमित नहीं रखना चाहते हैं। उनकी योजना अपने विद्यालय गुलमोहर हाई स्कूल के विद्यार्थियों को भी शोध, नए आविष्कारों और उद्यमिता की ओर अग्रसर करने की है। वे चाहते हैं कि स्कूल के अन्य बच्चे भी अपनी वैज्ञानिक सोच का उपयोग करके समाज की विभिन्न समस्याओं का तकनीकी समाधान तलाशें।
विद्यालय परिसर में गर्व का माहौल
स्कूल की प्राचार्या प्रीति सिन्हा ने अक्षत की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे स्कूल परिवार के लिए अत्यंत गर्व की बात बताया है। उन्होंने कहा कि अक्षत ने अपनी वैज्ञानिक सोच से समाज की वास्तविक और गंभीर समस्या का व्यावहारिक समाधान निकाला है। उनके अनुसार शिक्षा केवल पुस्तकों और परीक्षाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और अपने विचारों को धरातल पर उतारने का साहस विकसित करना आवश्यक है। विद्यालय का स्टार्टअप स्टूडियो विद्यार्थियों में नवाचार तथा उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा दे रहा है, और यह सफलता अन्य बच्चों को भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी।