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झारखंड: प्रश्नपत्र लीक और ओएमआर हेराफेरी की जांच, जेपीएससी के सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ करेगी सीआईडी

Mon, 05 Oct 2026 06:01 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

जेपीएससी की 21 परीक्षाओं में कथित धांधली, प्रश्नपत्र लीक और ओएमआर हेराफेरी की सीआईडी जांच तेज हो गई है। छह टीमें दस्तावेज खंगाल रही हैं। अब तक 27 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। सफल अभ्यर्थियों से भी पूछताछ की तैयारी है।

 

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जेपीएससी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में कथित धांधली, प्रश्नपत्र लीक, ओएमआर शीट में हेराफेरी और सेटिंग के आरोपों की जांच सीआईडी ने तेज कर दी है। जांच के दायरे में मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के माध्यम से आयोजित जेपीएससी की सभी 21 परीक्षाओं के सफल अभ्यर्थी भी आ गए हैं।

टीडीपीएल पर लगे गंभीर आरोपों और जांच में सामने आई अनियमितताओं के बाद मुख्यमंत्री ने एजेंसी से जुड़ी सभी परीक्षाओं की जांच सीआईडी को सौंपी थी। इसके बाद सीआईडी की छह नवगठित टीमों ने 21 परीक्षाओं से संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

27 आरोपी गिरफ्तार, नौ सफल अभ्यर्थी भी शामिल

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सीआईडी के अनुसार, अब तक प्रारंभिक जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर 27 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इनमें जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांग्ते और तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता भी शामिल हैं।

इसके अलावा तीन परीक्षाओं के नौ सफल अभ्यर्थियों को भी गिरफ्तार किया गया है। इनके खिलाफ परीक्षा में अनियमितता से जुड़े ठोस साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है। गिरफ्तार अभ्यर्थियों में 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले सुमन सौरभ, दीपक राणा, ओमप्रकाश राणा, उमाकांत उरांव, रोशन केरकेट्टा, मनोज कुमार और रक्षक सिंह शामिल हैं। वहीं, वन क्षेत्र पदाधिकारी (एफआरओ) और सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) परीक्षा में चयनित ऋतिक रौशन और पंकज प्रसून्न को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

छह टीमें खंगाल रही हैं रिकॉर्ड
सीआईडी की छह अलग-अलग टीमें जेपीएससी से संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही हैं। जांच एजेंसी का फोकस परीक्षा प्रक्रिया में हुई संभावित गड़बड़ियों, ओएमआर शीट में हेराफेरी और अभ्यर्थियों की कथित सेटिंग के नेटवर्क का पता लगाने पर है। जांच के दौरान सीआईडी अब उन अभ्यर्थियों तक भी पहुंचने की तैयारी में है, जिन्होंने इन परीक्षाओं में सफलता हासिल की है। ऐसे अभ्यर्थियों को समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।

इन 21 परीक्षाओं की जांच

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सीआईडी की जांच के दायरे में झारखंड सिविल सेवा संयुक्त परीक्षा 2023, सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा 2023 और 2025, विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति परीक्षा 2025, सहायक निदेशक एवं सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर बैकलॉग व नियमित नियुक्ति परीक्षा 2025, ड्रग इंस्पेक्टर नियुक्ति परीक्षा 2025 शामिल हैं।

इसके अलावा इंजीनियरिंग कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक बैकलॉग नियुक्ति 2026, राजकीय पॉलीटेक्निक में व्याख्याताओं की नियमित व बैकलॉग भर्ती 2026 और मेडिकल कॉलेजों में स्पेशियलिटी सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति परीक्षा 2026 की भी जांच हो रही है।

जांच सूची में सिविल जज जूनियर डिविजन भर्ती परीक्षा 2023, सहायक वन संरक्षक भर्ती 2024, वन क्षेत्र पदाधिकारी भर्ती 2024, सहायक लोक अभियोजक नियमित व बैकलॉग भर्ती परीक्षा 2025, खाद्य सुरक्षा अधिकारी भर्ती परीक्षा 2023, बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) भर्ती परीक्षा 2023, झारखंड पात्रता परीक्षा 2024 और छठी सीमित उपसमाहर्ता परीक्षा 2018 भी शामिल हैं। सीआईडी इन परीक्षाओं के सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ के जरिए कथित धांधली और सेटिंग के नेटवर्क से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाने की कोशिश करेगी।

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