धनबाद अदालत परिसर में सोमवार को आरोपी कुणाल साव को हिरासत में लेने पहुंची रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की विशेष टीम और अधिवक्ताओं के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इस दौरान आरपीएफ के सब-इंस्पेक्टर अरविंद कुमार सिंह के साथ भी मारपीट हुई। घटना के बाद कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची।
अदालत परिसर में सोमवार को आरोपी कुणाल साव को हिरासत में लेने पहुंची रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की विशेष टीम और वकीलों के बीच तीखी झड़प हो गई। देखते ही देखते विवाद हाथापाई तक पहुंच गया। इस दौरान आरपीएफ के सब-इंस्पेक्टर अरविंद कुमार सिंह के साथ भी मारपीट की गई। घटना की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और आरपीएफ सब-इंस्पेक्टर को अपने साथ धनबाद थाने ले गई।
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चैंबर में धर-पकड़ का विरोध
अधिवक्ता संतोष सिंह के अनुसार आरोपी कुणाल साव अदालत में आत्मसमर्पण करने के लिए पहुंचा था। उसी दौरान एक व्यक्ति अचानक अधिवक्ता के चैंबर में दाखिल हुआ और आरोपी को अपने साथ ले जाने का प्रयास करने लगा। इस बात को लेकर अधिवक्ताओं और उक्त व्यक्ति के बीच विवाद शुरू हो गया। अधिवक्ताओं का आरोप है कि उस व्यक्ति ने उनके साथ हाथापाई की, जिसके बाद अन्य अधिवक्ता भी मौके पर पहुंच गए और मामला बढ़ गया। घटना से संबंधित एक वीडियो भी प्रसारित होने की बात सामने आई है।
पुलिस का हस्तक्षेप और बार की मांग
घटना के बाद बैंक मोड़, धनबाद, धनसार और भूली ओपी के प्रभारियों सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। धनबाद थाना प्रभारी मनोज पांडे ने बताया कि आरपीएफ के महुदा पोस्ट के सब-इंस्पेक्टर अरविंद कुमार सिंह अपनी टीम के साथ आरोपी कुणाल साव को पकड़ने अदालत पहुंचे थे। इसी दौरान विवाद और हाथापाई हुई, जिसके बाद पुलिस उन्हें थाने ले आई। धनबाद बार एसोसिएशन ने इस घटना पर कड़ा रोष जताते हुए संबंधित आरपीएफ सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि दोनों पक्षों की ओर से लिखित शिकायत मिलने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।