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झारखंड: बड़गाईं जमीन केस में सीएम हेमंत सोरेन पर आरोप तय, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अदालत में हुए पेश

Wed, 30 Sep 2026 05:05 PM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

रांची के बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पीएमएलए अदालत ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय किए। सोरेन ने आरोपों को निराधार बताया। अब मामले में ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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हेमंत सोरेन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ विशेष पीएमएलए अदालत ने आरोप तय कर दिए हैं। इसके साथ ही मामले में मुख्यमंत्री समेत कुल 17 आरोपियों के खिलाफ ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे पहले 16 आरोपियों के खिलाफ आरोप गठित किए जा चुके थे।

आरोप गठन की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश हुए। अदालत ने उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को पढ़कर सुनाया। इस पर हेमंत सोरेन ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया और कहा कि उन्होंने किसी तरह का अपराध नहीं किया है।

यह मामला रांची के बड़गाईं अंचल स्थित करीब 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के अनुसार, जमीन के रिकॉर्ड में कथित हेरफेर, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और जमीन पर कथित अवैध कब्जे से जुड़े पहलुओं की जांच की गई है। ईडी ने इस मामले को मनी लॉन्ड्रिंग से भी जोड़ा है।

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मामले में भानु प्रताप प्रसाद, अंतू तिर्की, विनोद कुमार सिंह, बिजेंद्र सिंह, बिपिन सिंह, प्रियरंजन सहाय, मनोज कुमार यादव, कुमार राजश्री, राजकुमार पाहन, संजीत कुमार, शेखर कुशवाहा, तापस घोष, मोहम्मद इरशाद अख्तर, अफसर अली, मोहम्मद सद्दाम हुसैन और मोहम्मद इरशाद समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ पहले ही आरोप गठित किए जा चुके हैं।

आरोप तय होने के बाद अब मामले में ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि, आरोप गठन को दोष सिद्ध होना नहीं माना जाता है। मुकदमे के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष को अपना-अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

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