झारखंड के चिरूडीह गोलीकांड मामले में रांची सिविल कोर्ट ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनकी पत्नी निर्मला देवी को 10 साल की सजा सुनाई है। यह मामला हजारीबाग के बरकागांव में साल 2015 में हुई पुलिस गोलीबारी से संबंधित है। अदालत ने साव के बेटे को रिहा कर दिया है।
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अदालत ने 22 मार्च को योगेंद्र साव और उनकी पत्नी को मामले में दोषी करार दिया था। साव के बेटे अंकित राज को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। गुरुवार को दोनों की सजा तय की गई। इससे पहले आठ मार्च को रांची सिविल कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई पूरी कर ली थी।
साल 2015 में एनटीपीसी के खिलाफ सत्याग्रह हुआ था। इस दौरान प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच टकराव भी हुआ था। इसमें कई लोगों की जान भी गई थी। मामले में प्रशासन की ओर से दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज कराए गए थे जिनमें 11 मामलों में योगेंद्र बरी हो चुके हैं।