झारखंड के गढ़वा जिले के मेराल प्रखंड में एक दुष्कर्म पीड़िता ने जहर खाकर खुदकुशी करने की कोशिश की। पीड़िता को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़िता ने बुधवार को पत्रकारों को बताया कि डेढ़ महीने पहले गांव के एक युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। जब उसने इसकी शिकायत पुलिस में की तो आरोपी को जेल भेज दिया गया। मगर अब पंचायत उसकी मदद करने के बजाए परेशान कर रही है।
पीड़िता के अनुसार लगभग 15 दिन पहले पंचायत ने उसे अजब फरमान सुनाया है। पंचायत का कहना है कि पहले गंगा स्नान करो फिर पूजा-पाठ कराकर पूरे गांव को भोज कराओ। केवल इतना ही नहीं महिला को पांच लाख रुपये का जुर्माना देने का भी आदेश दिया गया है। पंचायत की इसी प्रताड़ना से तंग आकर पीड़िता ने जहर खा लिया। परिजन तत्काल उसे अस्पताल लेकर पहुंचे जहां वक्त पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई है।
पंचायत का पक्ष
पंचायत में मौजूद पंचों का कहना है कि महिला का पति बाहर काम करता है। उसके गांव के युवक अफजल अंसारी से अवैध संबंध हैं। गांववालों ने एक दिन दोनों को रंगेहाथ पकड़ लिया। जिसके बाद महिला ने अंसारी के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर दिया। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है। पंचों ने गंगा स्नान और पूजा-पाठ की बात मानी है लेकिन जुर्माने की खारिज कर दी है।
पति ने बताया परिवार का मामला
पीड़ित महिला के पति का कहना है कि यह मेरे परिवार का अंदरुनी मामला है। इसे ज्यादा तूल नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि ऐसा करने से गांव में नफरत फैलेगी। यही वजह है कि वह मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते हैं।