दो साल में नक्सलियों के खिलाफ मिली हैं बड़ी सफलताएं
उन्होंने कहा, 'हाल ही में (पिछले दो साल में) एक पोलितब्यूरो सदस्य, एक केंद्रीय समिति के सदस्य 10 जोनल कमांडर, 31 सब जोनल कमांडर और 42 एरिया कमांडरों समेत 909 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया।' उन्होंने इस सफलता के लिए झारखंड पुलिस की ओर शुरू किए गए प्रभावी नक्सल विरोधी अभियानों को श्रेय दिया।
डीजीपी ने आगे कहा कि इसके अलावा 74 पुलिस हथियारों समेत 349 देशी हथियार, 629 आईईडी, 14,885 कार्ट्रिज और 3878 डेटोनेटर जब्त किए गए हैं। वहीं, सुरक्षा बलों ने विभिन्न मुठभेड़ों में कम से कम 25 नक्सलियों को मार गिराया है। उन्होंने कहा कि यह झारखंड पुलिस की और हमारे सुरक्षा बलों की बड़ी सफलताएं हैं।
आत्मसमर्पण नीति का भी दिखा असर, 24 ने डाले हथियार
इसके अलावा नक्सलियों को मुख्य धारा में लाने के उद्देश्य से तैयार की गई आत्मसमर्पण नीति का भी सकारात्मक असर देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि 34 नक्सली हथियार डाल कर आत्ममर्पण कर चुके हैं। इसके अलावा संबोधन में सिन्हा ने राज्य में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
ऑनलाइन एफआईआर व्यवस्था के तहत दर्ज की गई 70,280 एफआईआर में से 61,770 का निपटारा किया जा चुका है। साइबर अपराधों को लेकर झारखंड पुलिस ने कई जागरूकता अभियानों का आयोजन भी किया है। उन्होंने बताया कि राज्य के 519 पुलिस थानों को क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्किंग व्यवस्था से जोड़ा गया है।