हेमंत सोरेन, नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव
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2024 में दिखेगा चर्चा का परिणाम
कुमार ने बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, हमारी बातचीत विपक्षी एकता बनाने पर केंद्रित रही और चर्चा का परिणाम आगामी 2024 के लोकसभा चुनावों में दिखाई देगा। जद (यू) नेता कुमार ने कहा, हम इतिहास बदलने के लिए केंद्र के प्रयासों का विरोध करेंगे। हम हिंदू-मुस्लिम एकता को भी बहाल करेंगे। इस बैठक को 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को हराने के लिए सभी गैर-राजग (एनडीए) दलों को एक साथ लाने के कुमार के प्रयासों के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
बैठक के बाद प्रेस को संबोधित करते नीतीश कुमार और हेमंत सोरेन
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विपक्षी एकता अभियान के तहत कई स्थानों का कर चुके दौरा
पिछले साल भाजपा से नाता तोड़ने वाले बिहार के मुख्यमंत्री ने 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने का संकल्प लेते हुए अपने 'विपक्षी एकता अभियान' के तहत कई स्थानों का दौरा किया है और विभिन्न दलों के नेताओं से मुलाकात की है।
नीतीश कुमार, ममता बनर्जी (फाइल फोटो)
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नवीन, ममता, अखिलेश और मल्लिकार्जुन से भी कर चुके मुलाकात
इससे पहले कुमार ने मंगलवार को ओडिशा के मुख्यमंत्री और बीजद नेता नवीन पटनायक से भुवनेश्वर में उनके आवास पर मुलाकात की और उनके साथ एक घंटे से अधिक समय तक चर्चा की। हाल ही में उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ भी बातचीत की थी। कुमार और यादव ने अप्रैल में राहुल गांधी की मौजूदगी में दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की थी और भाजपा के खिलाफ संयुक्त मोर्चा बनाने के लिए सभी विपक्षी दलों को एक साथ लाने का संकल्प लिया था।
प्रधानमंत्री बनने की महत्वकांक्षा नहीं...
जदयू नेता ने राकांपा प्रमुख शरद पवार, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और माकपा महासचिव सीताराम येचुरी समेत अन्य के साथ बैठकें कीं थीं। कुमार कहते रहे हैं कि उनकी प्रधानमंत्री बनने की कोई महत्वाकांक्षा नहीं है लेकिन वह केंद्र में सत्तारूढ़ राजग के खिलाफ विपक्षी एकता कायम करने में सकारात्मक भूमिका निभाने को लेकर आशान्वित हैं।