राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने बुधवार को खूंटी, पाकुड़ और लातेहार में कार्यालय खोले। इसी के साथ अब राज्य के सभी 24 जिले शामिल हो गए। नाबार्ड वित्तीय संस्थान, राज्य सरकार एजेंसी, एनजीओ और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर काम करता है। इसमें छह महिला अधिकारियों को जिला विकास प्रबंधकों के रूप में भी तैनात किया गया है।
कंपनी ने एक बयान में कहा, "नाबार्ड के अब राज्य के सभी 24 जिलों में एक
जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम) कार्यालय है। ये कार्यालय नाबार्ड के परिचालन में अहम भूमिका निभाएंगे। इन दफ्तरों के जरिए जिला स्तर पर योजना बनाने, उसे लागू करने और उनकी मॉनीटरिंग के काम में मदद मिलेगी।"
नाबार्ड झारखंड के मुख्य महाप्रबंधक एसके जहागीरदार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों की मदद के लिए महिला अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। छह डीडीएम खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, गोड्डा, रामगढ़, हजारीबाग और रांची में थे। इन नए डीडीएम कार्यालयों की स्थापना के साथ नाबार्ड अपनी विस्तार के साथ झारखंड में ग्रामीण विकास के परिदृश्य को तेजी से बदल रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि एक साल तक नाबार्ड की प्राथमिकताएं कृषि बुनियादी ढांचे का विकास विशेष रूप से राज्य में सिंचाई कवरेज को बढ़ाना और तिलहन, दलहन बागवानी फसलों को बढ़ावा देने पर होगा। नाबार्ड का ध्यान जैविक और प्राकृतिक कृषि, जलवायु आधारित कृषि और जलवायु परिवर्तन पर केंद्रित होगा।