झारखंड के पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी
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झारखंड राजनीतिक संकट पर विधायकों को होटल में रखे जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने सोरेन सरकार पर निशाना साधा हैं। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि आप उन्हें कब तक किसी होटल में बंद करके रख सकते हैं? रिहा होने के बाद भाग जाएंगे... कोई आपका पालतू तभी बनता है जब आप उन्हें प्यार, समय पर भोजन, सम्मान देते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने ही विधायकों से डरते हैं। वो जानते हैं कि सत्ता में आने के बाद से 32 महीनों में उन्होंने कोई काम नहीं किया है। लेकिन सीएम और सहयोगियों ने बहुत कमाया है।
बता दें कि, झारखंड में सत्ताधारी महागठबंधन को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस-राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने राज्य में राजनीतिक संकट के बीच मंगलवार को अपने 32 विधायकों को रायपुर भेजा था। नवा रायपुर के आलीशान रिसॉर्ट में ठहरे चार विधायक दीपिका पांडे, भूषण बारा, सुदिव्य कुमार और स्टीफन मरांडी झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर के साथ मीडिया से बातचीत करने रिसॉर्ट से बाहर आए। रिसॉर्ट में पिकनिक मनाने के भाजपा के आरोप पर किए गए सवाल का जवाब देते हुए विधायक दीपिका पांडे ने कहा कि भाजपा को कुछ कहने अधिकारी नहीं हैं उन्होंने महाराष्ट्र में शिवसेना नेतृत्व के खिलाफ बगावत के बाद एकनाथ शिंदे गुट के विधायकों के असम के एक होटल में रहने का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में 50 की संख्या में विधायक होने के बाद भी सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है।
झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो)-कांग्रेस-राष्ट्रीय जनता दल (राजद) गठबंधन ने राज्य में राजनीतिक संकट के बीच मंगलवार को अपने 32 विधायकों को रायपुर भेज दिया था। रिसॉर्ट में ठहरे चार मंत्री गुरुवार को कैबिनेट बैठक में शामिल होने वापस रांची पहुंच गए। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रायपुर नहीं आए हैं।