इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा, "यह सेवा गंभीर रूप से बीमार लोगों को समय पर बेहतर उपचार प्रदान करने का एक प्रयास है। राज्य सरकार उन लोगों को सेवा देने पर भी विचार कर रही है जो किराया वहन करने में असमर्थ हैं।" उन्होंने कहा, "राज्य के नागरिक उड्डयन विभाग ने एयर एंबुलेंस सेवा के लिए एक प्रकोष्ठ (सेल) स्थापित किया है जिसका लाभ फोन कॉल और ईमेल के माध्यम से उठाया जा सकता है।" उन्होंने कहा, ''प्रकोष्ठ को सेवा के बारे में पूछताछ के लिए 250 से अधिक कॉल आए हैं।"
सोरेन ने कहा कि उनका प्रशासन प्रमुख सड़कों के किनारे हेलीपैड स्थापित करने का इरादा रखता है ताकि दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल लोगों को हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया जा सके। उन्होंने कहा कि एयर एंबुलेंस सेवा बहुत जल्द राज्य के अन्य जिलों से भी शुरू की जाएगी। अन्य गंतव्यों के लिए किराया 1.10 लाख रुपये प्रति घंटे होगा। सोरेन ने कहा कि विभिन्न स्तरों पर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किया जा रहा है और दूरदराज के इलाकों में मोटरसाइकिल एंबुलेंस शुरू की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री सोरेन ने अपने ट्वीट में कहा, "आज बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से झारखण्ड की जनता के लिए एयर एंबुलेंस सेवा का शुभारंभ करने का सौभाग्य मिला। गंभीर रूप से बीमार लोगों को ससमय बेहतर इलाज उपलब्ध कराने में यह एक प्रयास है। इस सेवा का उपयोग सिर्फ जो पैसे दे सकते वही कर पाएंगे ऐसा नहीं है, इसमें आवश्यकतानुसार, जो पैसे नहीं भी दे सकता है, उसे भी एयर एंबुलेंस के माध्यम से ले जाने और स्वास्थ सेवा उपलब्ध कराने की मंशा सरकार की है।"
एक अन्य ट्वीट में सोरेन ने कहा, "स्वास्थ्य के क्षेत्र में जितनी चुनौती हम लोग देख रहे हैं उन चुनौतियों से कैसे निपटा जाए, समस्याओं का निराकरण कैसे हो, इस पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है। आज रिम्स में अत्याधुनिक मशीनों को स्थापित कर लोगों को राज्य में ही सुविधा प्रदान की जा रही है। विभिन्न स्तर पर स्वास्थ्य सेवा को मजबूत बनाया जा रहा है। राज्य में एंबुलेंस और चिकित्सा सेवा तंत्र और सशक्त हो, यह हमारी कोशिश है।"
रामगढ़:टीकाकरण के बाद तीन माह के बच्चे की मौत
रामगढ़ जिले के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टीका लगाए जाने के 24 घंटे बाद तीन महीने के एक बच्चे की मौत हो गई। स्वास्थ्य अधिकारियों ने आज यह जानकारी दी। सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि मौत के कारणों का पता लगाने के लिए एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है। कुमार ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच के लिए विसरा को संरक्षित किया जाएगा और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक राज्य टीम टीकाकरण के बाद एक बच्चे की मौत के दुर्लभ मामले की जांच करेगी।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बच्चे अभिराज कुमार को गुरुवार को पतरातू स्थित सीएचसी में पैरामेडिकल कर्मचारियों ने पेंटावेलेंट टीका लगाया जो बच्चों को डिप्थीरिया, पर्टुसिस, टेटनस और हेपेटाइटिस-बी जैसी घातक बीमारियों से बचाता है। उन्होंने बताया कि बच्चे को अस्पताल ले जाया गया जहां शुक्रवार तड़के उसकी मौत हो गई। हालांकि, उसके माता-पिता बबलू साव और ललिता देवी ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की मौत लापरवाही और असुरक्षित टीकाकरण के कारण हुई और मांग की कि जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार किया जाए और हत्या के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया जाए।