झारखंड के हजारीबाग जिले में बरही मॉब लिंचिंग का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि एक और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस ने गुरुवार को झारखंड के हजारीबाग जिले में भगवान हनुमान की एक मूर्ति को कथित रूप से तोड़ने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। इस जिले में हाल ही में दो समुदायों के सदस्यों के बीच झड़प के दौरान एक किशोर की मौत के बाद तनाव का माहौल है।
पुलिस अधीक्षक मनोज रतन चौठे ने संवाददाताओं से कहा कि 20 वर्षीय युवक को 12 फरवरी को एक मंदिर में भगवान हनुमान की मूर्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। चौठे ने कहा कि आरोपी ने पुलिस के सामने अपना अपराध कबूल किया है।
आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया
एसपी ने कहा कि इस घटना के कारण बरही अनुमंडल में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत लगाए गए निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए जीटी रोड के राष्ट्रीय राजमार्ग -2 पर विरोध-प्रदर्शन हुआ। उन्होंने बताया कि आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस ने कहा कि छह फरवरी (रविवार) को सरस्वती प्रतिमा के विसर्जन जुलूस दौरान हजारीबाग जिले के बरही लखना दुलमहा में दो समुदाय से जुड़े युवकों के बीच झड़प हुईं थी, जिसमें युवक रूपेश पांडेय (17) की पिटाई से मौत हो गई थी। जिसके बाद से क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव है।
रूपेश पांडेय की मौत के बारे में बताते हुए एसपी चौठे ने कहा कि 'मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि उसे सिर पर जोर से मारा गया था और उसकी गर्दन, पेट और तिल्ली (स्पलीन) पर चोट के निशान थे। हालांकि, उन्होंने कहा कि हत्या व्यक्तिगत दुश्मनी के कारण हुई थी और यह मॉब लिंचिंग का मामला नहीं था।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने झारखंड सरकार और हजारीबाग जिला प्रशासन को नोटिस जारी कर नाबालिग लड़के की मौत की घटना का ब्योरा मांगा है। इस बीच, भाजपा की राज्य इकाई ने गुरुवार को किशोर की हत्या के खिलाफ कई जगहों पर विरोध-प्रदर्शन किया और दोषियों को मौत की सजा देने की मांग की।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने आरोप लगाया कि "झारखंड सरकार तुष्टीकरण की राजनीति में विश्वास करती है, यहां तक कि लिंचिंग के मामलों में भी।" उन्होंने कहा, "राज्य में कोई भी सुरक्षित नहीं है। कोई कानून-व्यवस्था नहीं है।"