झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) 2026 के सफल और कदाचारमुक्त आयोजन को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य में एक नवंबर को होने वाली इस परीक्षा में कुल 5,65,048 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए मुख्य सचिव ने सभी जिलों के उपायुक्तों, वरीय पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने का निर्देश दिया है।
अभ्यर्थियों की संख्या और परीक्षा के सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए राज्यभर में कुल 986 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा दो स्तरों पर आयोजित होगी। प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 1,95,935 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है, जबकि उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा में 3,69,113 अभ्यर्थी शामिल होंगे। देवघर जिले में परीक्षा के लिए कुल 45 केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर 18,256 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।
सुरक्षा और निगरानी के पुख्ता इंतजाम
परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। मुख्य सचिव के निर्देशानुसार, सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में सशस्त्र पुलिस बल, गृह रक्षक और दंडाधिकारी तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा गश्ती दल भी लगातार निगरानी करेंगे।
परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। केंद्रों के बाहरी हिस्सों में भी सुरक्षा व्यवस्था सख्त रहेगी। अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। निगरानी और त्वरित कार्रवाई के लिए प्रत्येक जिले में परीक्षा नियंत्रण कक्ष और विशेष उड़नदस्ता दल का गठन किया जाएगा।
प्रश्नपत्रों की सुरक्षा पर विशेष जोर
प्रशासन ने प्रश्नपत्रों और अन्य परीक्षा सामग्री की सुरक्षा को लेकर भी विशेष निर्देश दिए हैं। गोपनीय सामग्री को सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखने और परीक्षा के बाद उत्तरपुस्तिकाओं को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी जिला स्तरीय अधिकारियों को सौंपी गई है। परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले अभ्यर्थियों के साथ-साथ इसमें मदद करने या षड्यंत्र रचने वाले लोगों के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की तैयारियों और संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन का लक्ष्य परीक्षा को सुरक्षित, व्यवस्थित, पारदर्शी और पूरी तरह कदाचारमुक्त माहौल में संपन्न कराना है।