झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में सीआईडी ने मंगलवार को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के सचिव सुधीर गुप्ता से पूछताछ की। एक अधिकारी के अनुसार, यह पूछताछ सोमवार को आयोग के कार्यालय में की गई छापेमारी के एक दिन बाद हुई।
अधिकारी ने बताया कि सोमवार की छापेमारी के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर सुधीर गुप्ता से कई घंटे तक पूछताछ की गई। इस मामले में सीआईडी ने कथित तौर पर भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं के प्रमुख आरोपियों में शामिल अभय तिवारी के भाई अक्षय तिवारी और उसकी पत्नी से भी पूछताछ की है।
अभय तिवारी गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) के पद पर तैनात था। उसे सीआईडी ने 22 जुलाई को इस मामले में गिरफ्तार किया था।
13 साल में करीब 12 प्रतियोगी परीक्षाएं पास करने का दावा
अधिकारी के अनुसार, TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) में मार्केटिंग मैनेजमेंट कर्मचारी रह चुके तिवारी ने JSSC की PGT शिक्षक और संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षाएं भी पास की थीं। इसके अलावा उसने सहायक वन संरक्षक (ACF), वन क्षेत्र अधिकारी (FRO) और खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) की परीक्षाएं भी उत्तीर्ण की थीं। तिवारी ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 11वीं और 13वीं झारखंड संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षाएं भी पास की थीं।
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दस्तावेजों और चयन प्रक्रिया की जांच
अधिकारी के अनुसार, तिवारी ने जांचकर्ताओं को बताया कि अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में उम्मीदवारों को पास कराने के लिए कथित तौर पर अलग-अलग ‘रेट चार्ट’ का इस्तेमाल किया जाता था। इसके लिए कथित रकम दो लाख रुपये से लेकर 70 लाख रुपये तक बताई गई है।
जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द
झारखंड सरकार ने सोमवार को प्रदर्शन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगों में से एक को स्वीकार करते हुए JSSC संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा रद्द करने की घोषणा की थी। इसके साथ ही आउटसोर्स एजेंसी TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं और उसके द्वारा जारी किए गए परिणामों को भी रद्द करने का निर्णय लिया गया है।