झामुमो नेता और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने शनिवार को कहा कि उन्हें भाजपा में शामिल होने की अटकलों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। शुक्रवार को कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले सोरेन भगवा पार्टी में शामिल हो सकते हैं।
जमशेदपुर रवाना होने से पहले उन्होंने संवाददाताओं से कहा, मुझे ऐसी अटकलों और रिपोर्टों के बारे में कुछ नहीं पता। मैं जहां हूं, वहीं हूं। सोरेन ने यह भी कहा कि झामुमो के पूर्व विधायक लोबिन हेमब्रोम, जो कथित तौर पर भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं, के साथ उनकी मुलाकात एक नियमित मामला था।
इससे पहले, भाजपा सूत्रों ने दावा किया था कि चंपई राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नाराज चल रहे हैं। उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा से दो दौर की बातचीत हुई है। चंपई इस समय दिल्ली में हैं। उनकी गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात होनी है। इस मुलाकात के बाद चंपई झामुमो के कुछ विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
भ्रष्टाचार के मामले में जेल जाने से पहले हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद चंपई को मुख्यमंत्री बनाया गया था। अदालत से जमानत मिलने के बाद चंपई ने हेमंत की ताजपोशी के लिए सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बदले चंपई को हेमंत मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था।
कौन हैं चंपई सोरेन?
चंपई सोरेन झारखंड विधानसभा के सदस्य हैं। वर्तमान में वह झारखंड मुक्ति मोर्चा पार्टी से सरायकेला विधानसभा सीट से विधायक हैं। कैबिनेट मंत्री के रूप वह हेमंत सोरेन सरकार में परिवहन, अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। चंपई ने 1974 में जमशेदपुर स्थित राम कृष्ण मिशन हाई स्कूल से 10वीं की पढ़ाई की थी।
'झारखंड टाइगर' के नाम से चर्चित
जब बिहार से अलग झारखंड राज्य की मांग उठ रही थी उस दौरान चंपई का नाम खूब चर्चा में रहा। शिबू सोरेन के साथ ही चंपई ने भी झारखंड के आंदोलन में भाग लिया। इसके बाद ही लोग उन्हें 'झारखंड टाइगर' के नाम से बुलाने लगे।