क याचिका की सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने कहा था कि परिवहन विभाग में एक दशक से अधिक समय से मोटर वाहन निरीक्षकों के 49 पद खाली पड़े हैं। इस पर हाईकोर्ट ने 29 मार्च को सचिव को हलफनामे का जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था।
झारखंड उच्च न्यायालय ने सोमवार को बिना शर्त माफी मांगने के बाद राज्य परिवहन सचिव के श्रीनिवासन के खिलाफ अवमानना कार्रवाई बंद कर दी है। श्रीनिवासन के खिलाफ अदालत के निर्देशों को न मानने के खिलाफ कार्रवाई की जा रही थी।
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एसएसपी किशोर कौशल ने श्रीनिवासन को जमानती वारंट के साथ कोर्ट में पेश किया था। इसके बाद जस्टिस एस चंद्रशेखर ने मांफी को स्वीकार कर लिया और उनके खिलाफ अवमानना कार्रवाई वापस ले लिया।
कोर्ट ने पूछा एमवीआई के पद खाली क्यों
दरअसल, एक याचिका की सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने कहा था कि परिवहन विभाग में एक दशक से अधिक समय से मोटर वाहन निरीक्षकों के 49 पद खाली पड़े हैं। इस पर हाईकोर्ट ने 29 मार्च को सचिव को हलफनामे का जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने पूछा था कि एमवीआई के पद इतने लंबे समय से खाली क्यों हैं।
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हलफनामा दायर करने के लिए निर्देश दिए
सचिव श्रीनिवासन तय समय में कोर्ट को अपना जवाब नहीं दे पाए, इसलिए कोर्ट ने 13 अप्रैल को उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू कर दी और कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया। हालांकि, श्रीनिवासन ने कहा कि वह छह अप्रैल से बाहर हैं, इसलिए अवमानना दाखिल नहीं कर सके। अदालत ने श्रीनिवासन के खिलाफ कार्रवाई खत्म करते हुए उन्हें आदेश दिया कि नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा कर एमवीआई के पदों को भरने के लिए कदम उठाएं। कोर्ट ने श्रीनिवासन को हलफनामा दायर करने के लिए निर्देश दिए।