ईडी ने झारखंड की एक आईएएस अधिकारी को इस हफ्ते के अंत में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए दफ्तर बुलाया है। आईएएस छवि रंजन को कथित अवैध भूमि बिक्री से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में तलब किया गया है।
2011 बैच की अधिकारी को 21 अप्रैल को रांची के ईडी दफ्तर में पेश होने के लिए कहा गया है। एजेंसी ने पिछले सप्ताह उनसे पूछताछ की थी। टीम ने इसी मामले में झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ अन्य परिसरों में भी छापेमारी कर तलाशी ली थी। सूत्रों के अनुसार, कोलकाता स्थित पश्चिम बंगाल सरकार के एक सहायक रजिस्ट्रार को भी गवाही के लिए बुलाया गया है। हालांकि, उन्हें 2 मई को तलब किया गया है। एजेंसी ने छापेमारी के बाद झारखंड सरकार के एक अधिकारी समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया था।
यह है पूरा मामला
ईडी मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत कार्रवाई कर रही है। मामले में ईडी एक दर्जन से अधिक भूमि के सौदों की जांच कर रही है। इनमें से एक रक्षा भूमि भी है। साल 1932 की शुरुआत से ही जमीन के कागजात और दस्तावेज बनाने में मामले में भू-माफिया, बिचौलिए और नौकरशाहों सहित एक समूह के बीच सांठगांठ का आरोप है।
पहले भी एक अधिकारी को ईडी ने किया था गिरफ्तार
ईडी के सूत्रों का कहना है कि आरोपियों ने गरीबों और दलितों की भूमि को हड़प लिया है। पीएमएलए के तहत, जांच शुरू करने के लिए एजेंसी ने पुलिस थाने में दर्ज फर्जी दस्तावेजों को संज्ञान में लिया था। तलाशी के दौरान ईडी ने कई फर्जी मुहरें, जमीन के कागजात और रजिस्ट्री दस्तावेज बरामद किए थे। बता दें, झारखंड कैडर की छवि रंजन ऐसी दूसरी आईएएस अधिकारी हैं, जो ईडी जांच के दायरे में आया है। पिछले साल ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को छापा मारकर अरेस्ट किया था।