हेमंत सोरेन के वकील राजीव रंजन ने बताया कि ईडी को जवाब देने का आदेश दिया गया है। अदालत ने 27 फरवरी की तारीख तय की है। हमें संशोधित आवेदन को प्रस्तुत करने की अनुमति दी गई है। अब घटनाक्रम के आधार पर ही सुनवाई होगी।
झारखंड उच्च न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के खिलाफ गिरफ्तार पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की याचिका 27 फरवरी के लिए स्थगित कर दी है। अदालत इस दिन फिर से याचिका पर सुनवाई करेगी।
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अदालत ने फेडरल एजेंसी से एक हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है। वकील जनरल राजीव रंजन ने कहा कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने संशोधित आवेदन को प्रस्तुत करने की अनुमति दी है।
27 फरवरी को होगी याचिका पर सुनवाई
हेमंत सोरेन के वकील राजीव रंजन ने बताया, 'ईडी को जवाब देने का आदेश दिया गया है। अदालत ने 27 फरवरी की तारीख तय की है। हमें संशोधित आवेदन को प्रस्तुत करने की अनुमति दी गई है। अब घटनाक्रम के आधार पर ही सुनवाई होगी। यह एक अच्छा संकेत है। अब हम अदालत के समक्ष सभी मुद्दों को रख सकते हैं।'
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सीएम सोरेन की तरफ से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने बहस की। वहीं केंद्रीय एजेंसी की तरफ से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू अदालत में प्रस्तुत हुए।
वकील ने कहा, 'हमारी संशोधन विनती में, हमने बताया कि पूरी प्रक्रिया दुर्भावना से प्रेरित है। कोई भी अपराध नहीं हुआ है, लेकिन सीएम सोरेन के खिलाफ कार्रवाई की गई। ईडी अपनी शक्ति से बाहर जाकर काम कर रही है। हमने ईडी की पूरी कार्रवाई को चुनौती दी है।' बता दें कि हाई कोर्ट ने पांच फरवरी को केंद्रीय एजेंसी को सोरेन की याचिका पर अपना जवाब देने को कहा था।
31 जनवरी को हुई थी गिरफ्तारी
झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) नेता हेमंत सोरेन को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में 31 जनवरी को ईडी ने गिरफ्तार किया था। दो फरवरी को रांची की विशेष पीएमएलए अदालत ने सोरेन को पांच दिनों के लिए ईडी की रिमांड में भेजा था। इसके बाद सात फरवरी को अदालत ने सोरेन की रिमांड पांच दिन और बढ़ा दी थी।