झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता
- फोटो : एएनआई
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। स्वास्थ्य मंत्री ने वायरल वीडियो को पूरी तरह फेक बताया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मेरी छवि खराब करने के लिए राजनीतिक विरोधियों ने एक वीडियो वायरल किया। इसमें साफ देखा जा सकता है कि वीडियो को एडिट किया गया है। इस मामले में मंत्री ने पुलिस में एक प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी।
गंदी बात करते हुए वीडिया हुआ वायरल
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडिया बेहद आपत्तिजनक है। वीडियो को लेकर सियासी और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। 19 सेकंड के वायरल वीडियो में मंत्री बन्ना गुप्ता बनियान पहने हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो कॉल पर किसी महिला से बात कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वायरल वीडियो 17 अप्रैल का है। रात करीब एक बजकर 26 मिनट का है। दरअसल, रिकॉर्ड किए गए वीडियो में डेट और समय भी दिखाई दे रहा है।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने मंत्री का महिला से बातचीत का कथित वीडियो किया शेयर
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप साझा की जिसमें कथित तौर पर कांग्रेस नेता और झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता फोन पर एक महिला से अश्लील बात करते नजर आ रहे हैं। मंत्री ने वीडियो को एक साजिश का हिस्सा बताया है। सांसद ने ट्वीट कर कहा कि झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता का यह तथाकथित माजरा है। महिलाओं की इज्जत से खेलना,कांग्रेस कार्यकर्ता सुशील शर्मा का अपने पत्नी को तंदूर में जलाना, काश गांधी परिवार समझ पाता, यदि यह सही है तो कांग्रेस के लिए डूब मरने वाली बात है। वहीं, जमशेदपुर (पूर्वी) के विधायक सरयू राय ने ट्वीट कर कहा है कि ये झांकी है। अभी पूरी पिक्चर बाकी है। इस एक एपिसोड के बाद कतार में कई खंड एपिसोड संभावित हो सकते है।
भाजपा ने वायरल वीडियो की जांच कराने की राज्य सरकार से की मांग
भाजपा नेता प्रतुल शाह देव ने ट्वीट कर कहा कि वीडियो फर्जी है या नहीं इसकी पुष्टि नहीं हुई है लेकिन जिस तरह से यह वायरल हो रही है, उससे राज्य में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। सीएम हेमंत सोरेन को वीडियो फर्जी है या असली की जांच के लिए तुरंत आदेश देने चाहिए। अगर यह वीडियो सही है तो स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को इस्तीफा देना चाहिए। लेकिन अगर यह फर्जी है तो दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए और पूरी साजिश का पर्दाफाश होना चाहिए।