उन्होंने कहा, 'हमारे राज्य से कोयला निकाला जा रहा है। केंद्र की इकाई (कोल इंडिया) के पास 1.36 लाख करोड़ रुपये बकाया हैं। डीवीसी जैसी संस्थाएं हमें ब्लैकमेल कर रही हैं। केंद्र हमारी बकाया राशि प्रदान नहीं करता है, लेकिन बिजली शुल्क काटने के लिए तैयार है।' मुख्यमंत्री ने कोडरमा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए दावा किया कि केंद्र झारखंड को वह नहीं दे रहा है जो राज्य का अधिकार है, लेकिन बिजली का बकाया तुरंत काट लिया जाता है।
उन्होंने कहा, राज्य सरकार डीवीसी कमान क्षेत्र में अपनी ट्रांसमिशन लाइनें बिछाएगी और लोगों को बिजली प्रदान करेगी। हम आने वाले समय में डीवीसी पर निर्भर नहीं रहेंगे। 1948 में स्थापित डीवीसी पश्चिम बंगाल और झारखंड में 24,235 वर्ग किलोमीटर के कमान क्षेत्र में फैली एक एकीकृत बिजली प्रमुख कंपनी है। यह स्वतंत्र भारत की पहली बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना है।
डीवीसी के कुल नौ थर्मल और हाइडल पावर स्टेशनों में से पांच झारखंड में हैं और बाकी पड़ोसी पश्चिम बंगाल में स्थित हैं। बोकारो, चंद्रपुरा, कोडरमा, पंचेत और तिलैया में इन पांच पावर स्टेशनों की कुल स्थापित क्षमता 2084 मेगावाट है। केंद्र के ऊर्जा मंत्रालय के तहत काम करने वाली डीवीसी की राज्य में सौर ऊर्जा परियोजनाएं भी हैं। सोरेन ने बाद में एक्स पर कहा, हम राज्य के लोगों को 100 यूनिट तक मुफ्त बिजली दे रहे हैं। डीवीसी अपनी प्रणाली को अपने पास रख सकता है। इसका अचार बना सकता है और इसे खा सकता है।
कोडरमा में मुख्यमंत्री ने 433 करोड़ रुपये की 193 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। सोरेन ने कहा कि 'आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार' कार्यक्रम के तहत आयोजित किए जा रहे शिविर दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले गरीबों की समस्याओं और पीड़ा की वास्तविकता को उजागर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिविरों में प्राप्त आवेदनों के आधार पर नीतियां तैयार की जा रही हैं और योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
झामुमो नेता ने आरोप लगाया कि लोगों को योजना का लाभ मिल रहा है लेकिन विपक्ष इसकी लोकप्रियता को पचा नहीं पा रहा है। उन्होंने कहा,'इस कार्यक्रम के लिए सभी विधायकों को आमंत्रित किया गया है लेकिन विपक्षी विधायक दूरी बनाए हुए हैं। उन्हें आम लोगों को होने वाले लाभ की चिंता नहीं है। वे भ्रष्टाचार के बारे में सिर्फ झूठ फैला रहे हैं। हालांकि, मैं राज्य को विकास के पथ पर आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हूं।'