कांग्रेस के बर्खास्त विधायक नमन बिक्सल कोंगारी बुधवार को ईडी के सामने पेश हुए। नमन बिक्सल सुबह करीब 11 बजे ईडी ऑफिस पहुंचे। नमन बिक्सल को बीती 17 जनवरी को ईडी के सामने पेश होना था लेकिन उन्होंने दो हफ्ते का समय मांगा। विधायक ने कहा कि ईडी ने कुछ दस्तावेज मांगे हैं, जिनमें बैंक डिटेल्स भी शामिल हैं। बिक्सल ने कहा कि वह ईडी की जांच में पूरा सहयोग करेंगे। इससे पहले इरफान अंसारी और राजेश कच्छप से भी ईडी पूछताछ कर चुकी है। दोनों नेताओं से जब्त किए गए 49 लाख रुपए को लेकर सवाल किए गए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कच्छप और अंसारी ने ईडी को बताया कि जब्त की गई रकम से आदिवासी महिलाओं को बांटने के लिए साड़ियां खरीदी जानी थीं। ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से मामले की जांच कर रही है।
इससे पहले झारखंड के बर्खास्त कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप से मंगलवार को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 10 घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की। बता दें कि ईडी ने बीते साल कोलकाता में कांग्रेस के दो विधायकों के पासे 49 लाख रुपए की नकदी जब्त की थी। मामले को मनी लॉन्ड्रिंग से जोड़कर देखा जा रहा है और ईडी इसकी जांच कर रही है। राजेश कच्छप मंगलवार दोपहर में ईडी के ऑफिस पहुंचे। पूछताछ के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है और झारखंड सरकार को गिराने की साजिश रचने के आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं।
कच्छप ने ईडी की पूछताछ के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैंने ईडी के सामने अपना पक्ष रख दिया है। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर मुझसे कुछ सवाल पूछे थे। यह पूछताछ अच्छे माहौल में हुई और इस दौरान उन पर कोई दबाव नहीं था। कच्छप ने कहा कि वह जांच एजेंसी के साथ पूछताछ में पूरा सहयोग करेंगे। ईडी ने राजेश कच्छप को बीती जनवरी में बुलाया था लेकिन राजेश कच्छप ने जांच एजेंसी के सामने पेश होने के लिए दो हफ्ते का समय मांगा था।
बता दें कि बीते साल जुलाई में कांग्रेस के बर्खास्त सांसद इरफान अंसारी और नमन बिक्सल को एक वाहन में 49 लाख रुपए की नकदी के साथ पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार किया गया था। दोनों की गिरफ्तारी हावड़ा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 16 से की गई थी। जिसके बाद दोनों को पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया था। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोमवार को ईडी ने इरफान अंसारी से भी पूछताछ की थी। पूछताछ में इरफान अंसारी ने बताया कि जो रकम जब्त हुई है, उससे वह आदिवासी कार्यक्रम के लिए आदिवासी महिलाओं की साड़ियां खरीदने कोलकाता जा रहे थे। कांग्रेस विधायक कुमार जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह ने आरोप लगाया कि तीन विधायकों ने उन्हें झारखंड सरकार गिराने में मदद के लिए 10 करोड़ रुपए और मंत्री पद देने का वादा किया गया था। जयमंगल सिंह ने इस मामले की शिकायत रांची के अरगोरा पुलिस थाने में दर्ज कराई थी। बीते साल दिसंबर में ईडी ने जयमंगल सिंह से भी पूछताछ की थी।