झारखंड सरकार ने सर्वोच्च बलिदान देने वाले अग्निवीरों को लेकर गुरुवार को बड़ा फैसला लिया। सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड के बलिदानी अग्निवीरों के परिवारों को पुलिस की तरह मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा गरीबों का बकाया बिजली बिल भी माफ किया जाएगा। झारखंड के राजनीतिक घटनाक्रम पर उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आ रहे हैं। इसलिए कुछ दिनों बाद धीरे-धीरे सभी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
झारखंड में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इसे लेकर सीएम हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार नए फैसले लागू कर रही है। बलिदान देने वाले अग्निवीरों के परिवारों को पुलिस की तरह मुआवजा देने के फैसले को भी चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार ने गरीबों का बकाया बिजली बिल माफ करने का फैसला लिया है। इसके लिए जल्द ही कार्ययोजना बना दी जाएगी। इस फैसले को लागू करने से झारखंड सरकार पर बड़ा आर्थिक बोझ पड़ेगा।
सरकारी अस्पतालों में निजी डॉक्टर करेंगे इलाज
झारखंड के सरकारी अस्पतालों में अब निजी डॉक्टर मरीजों का इलाज करेंगे। राज्य सरकार ने अस्पतालों में कर्मचारियों की कमी को देखते हुए यह फैसला लिया है। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को नियुक्त पत्र वितरण के दौरान सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। राज्य के स्वास्थ्य सचिव अजॉय कुमार सिंह ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को देखते हुए सरकार ने निजी डॉक्टरों को इलाज करने की अनुमति देने का फैसला किया। इसके एव में डॉक्टरों को प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की सफाई, मरम्मत और रखरखाव के लिए पांच करोड़ रुपये का वार्षिक बजट आवंटित किया है।
अग्निपथ योजना क्या है और अग्निवीर कौन होते हैं?
अग्निपथ योजना की घोषणा केंद्र ने जून 2022 में की थी। इस योजना के तहत भर्ती होने वालों को 'अग्निवीर' कहा जाता है। सरकार ने कहा है कि रक्षा बलों में चार साल की सेवा के बाद युवाओं के लिए कई नौकरियां और अन्य रास्ते खुले रहेंगे। चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर, 25 फीसदी अग्निवीरों को भारतीय सशस्त्र बलों में नियमित कैडर के रूप में रखा जाएगा। बाकी को आगे रोजगार के अवसरों के लिए सहायता मिलेगी। अग्निवीरों को उनके बाहर निकलने पर सेवा निधि पैकेज के रूप में 11.71 लाख रुपये दिए जाएंगे, जो आयकर से मुक्त होंगे।