झारखंड में राज्यसभा के लिए होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगरमी तेज होने वाली है। झारखंड से राज्यसभा की दो सीटें खाली हो रही हैं। भाजपा के मुख्तार अब्बास नकवी और महेश पोद्दार का कार्यकाल आठ जुलाई को खत्म हो रहा है। देश भर में खाली हो रही राज्यसभा की 72 सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। जून में चुनाव होने की संभावना है।
दोनों सीटों के लिए आंकड़े भाजपा के पक्ष में नहीं हैं, सत्ता पक्ष का पलड़ा भारी है। एक सीट के लिए झामुमो, कांग्रेस और राजद गठबंधन की सरकार के पास पर्याप्त संख्या है। राज्यसभा चुनाव के लिए पहले वरीयता का 28 वोट प्रत्याशी को हासिल करना है। सत्ता पक्ष आसानी से इस आंकड़े को पार कर लेगा, वहीं भाजपा के पास वर्तमान में 26 विधायक हैं, यानि उसे दो वोट की जरूरत होगी।
सुदेश कुमार महतो और सरयू राय ने झारखंड लोकतांत्रिक मोर्चा बना कर राज्यसभा चुनाव में ट्विस्ट ला दिया है। भाजपा का रास्ता इस मोर्चा के बिना पार नहीं लगने वाला है। इस मोर्चे में आजसू के दो विधायक, निर्दलीय सरयू राय व अमित यादव और एनसीपी के कमलेश सिंह को मिलाकर पांच विधायक हैं।
इन पांच विधायकों का वोट किसी भी प्रत्याशी के लिए निर्णायक होगा। पिछले चुनाव में सत्ता पक्ष से झामुमो अध्यक्ष शिबू सोरेन की जीत हुई थी। कांग्रेस और राजद ने झामुमो का समर्थन किया था और सोरेन 30 वोट के साथ चुनाव जीते थे। इस बार कांग्रेस की दावेदारी है।
मौजूदा दलीय स्थिति
झामुमो - 30
कांग्रेस - 18
राजद - 01
सत्ता पक्ष - 49
भाजपा - 26
आजसू - 02
एनसीपी 01
निर्दलीय 02
माले 01