असम के सीएम ने कहा कि झामुमो के पास उम्मीदवार पूल का अभाव है। अगर जरुरत पड़ी तो भाजपा अतिरिक्त उम्मीदवार उपलब्ध करा सकती है। इस दौरान उन्होंने कुछ ऐसे नेताओं का जिक्र किया, जिन्होंने हाल ही में झामुमो से भाजपा में शामिल हुए।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को वंशवाद की राजनीति के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की आलोचना की। उन्होंने झामुमो की उम्मीदवार सूची को ओर इशारा किया, जिसमें एक ही परिवार के तीन लोगों को शामिल किया गया है। भाजपा नेता हिमंत बिस्वा सरमा ने झामुमो की पहली सूची का हवाला देते हुए बताया कि इसमें झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनकी पत्नी कल्पना सोरेन और भाई बसंत सोरेन का नाम शामिल है। झामुमो पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि झामुमो वंशवाद की राजनीति पर विश्वास रखती है।
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भाजपा के झारखंड चुनाव सह-प्रभारी हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, "झामुमो की सूची में वंशवाद की राजनीति स्पष्ट रूप से दिखती है।" उन्होंने कहा कि झामुमो के पास उम्मीदवार पूल का अभाव है। अगर जरुरत पड़ी तो भाजपा अतिरिक्त उम्मीदवार उपलब्ध करा सकती है। इस दौरान उन्होंने कुछ ऐसे नेताओं का जिक्र किया, जिन्होंने हाल ही में झामुमो से भाजपा में शामिल हुए।
इन सीटों पर चुनाव लड़ेंगे सोरेन परिवार
राज्य की 81 सदस्यीय विधानसभा के लिए 13 और 20 नवंबर को मतदान होगा। नतीजे 23 नवंबर को जारी होंगे। झामुमों के 35 उम्मीदवारों में से सीएम हेमंत सोरेन के भाई बसंत सोरेन दुमका से चुनाव लड़ने वाले हैं। बसंत सोरेन पहले भाजपा के मंत्री लोइस मरांडी को 6,842 वोटों से हरा चुके हैं। दुमका को झामुमो का गढ़ माना जाता है। दुमका को झामुमो का गढ़ माना जाता है। हेमंत सोरेन साहिबगंज जिले के बरहेट निर्वाचन क्षेत्र से मौजूदा विधायक हैं। 2019 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने इस क्षेत्र से भाजपा के साइमन माल्टो को 25,740 वोटों से हराया था। उनकी पत्नी कल्पना सोरेन ने गांडेय उपचुनाव मं भाजपा प्रतिद्वंद्वी दिलीप कुमार वर्मा को 27,149 वोटों से शिकस्त दी थी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा और भाजपा के अन्य नेता तीन नवंबर के बाद झारखंड में आएंगे। झारखंड के 43 विधानसभा क्षेत्रों के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो चुका है। यह 25 अक्टूबर तक चलेगा।