झारखंड के जमशेदपुर कोर्ट ने 2019 में घाघीडीह सेंट्रल जेल में एक कैदी की हत्या के 15 दोषियों को एक साथ फांसी की सजा सुनाई है। इन सभी पर आरोप था कि इन्होंने जेल में बंद दहेज हत्या के आरोपी मनोज सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। बताया जाता है कि जेल में ताकत दिखाने की होड़ लगी थी और इसी चक्कर में इस वारदात को अंजाम दिया गया।
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जानें क्या है पूरा मामला
दरअसल, घाघीडीह जेल में 25 जून 2019 को टेलीफोन बूथ पर बात करने को लेकर हरीश सिंह के गिरोह और सजायाफ्ता कैदी पंकज दुबे के बीच विवाद हुआ था। अखिलेश सिंह के गिरोह में मनोज कुमार सिंह समेत अन्य लोग थे जिन्होंने पंकज दुबे की पिटाई कर दी। इस हमले के विरोध में पंकज दुबे समर्थित सजायाफ्ता कैदियों ने हंगामा करते हुए हरीश सिंह गिरोह पर हमला कर दिया था। हमले के दौरान मनोज सिंह भागकर दूसरी जगह छिप गया था लेकिन कुछ देर बाद सभी 15 कैदियों ने उसे ढूंढ़ निकाला और पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।