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Jharkhand: जबरन ड्रेस उतारने के मामले में अपमानित छात्रा के परिवार को मिला 25000 रुपये का मुआवजा

Mon, 17 Oct 2022 02:41 AM IST
Jeet Kumar पीटीआई, रांची

सार

पुलिस ने कहा कि आरोपी शिक्षक को आईपीसी, पॉक्सो एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है। परिवार को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिले इसके लिए प्रशासन ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार
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झारखंड में स्कूल छात्रा को ड्रेस उतारने के लिए मजबूर करने वाली शिक्षिका पर कार्रवाई के बाद सिंहभूम जिले के अधिकारियों ने रविवार को एक दलित लड़की के परिवार को मुआवजे के रूप में 25,000 रुपये दिए। जिले की उपायुक्त विजय जादव ने कहा कि मामले की जांच के लिए गठित दो सदस्यीय जांच पैनल ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है

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लड़की ने पुलिस को दिए एक बयान में कहा था कि शिक्षिका ने उसे अपमानित किया और कक्षा के पास एक कमरे में कपड़े उतारने के लिए कहा। पुलिस के अनुसार शिक्षिका ने परीक्षा के दौरान छात्रा की वर्दी में नकल सामग्री छिपाने का संदेह व्यक्त किया था। वहीं छात्रा ने शिक्षिका से कपड़े उतारने का मना भी किया था। 

अधिकारियों ने जाना लड़की का हालचाल
साथ ही डीसी विजय जादव ने टाटा मुख्य अस्पताल की बर्न यूनिट का दौरा किया और लड़की का हालचाल जाना। यहीं पर 15 वर्षीय लड़की को भर्ती कराया गया है। डीसी ने डॉक्टरों से उसका उचित इलाज सुनिश्चित करने का आग्रह किया और कहा कि जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों से सलाह ली जाएगी।
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25,000 रुपये का मुआवजा दिया
इस दौरान धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी संदीप कुमार मीणा और कार्यपालक दंडाधिकारी सुमित प्रकाश भी उपस्थित थे। जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार के सदस्यों को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत 25,000 रुपये का मुआवजा दिया है, साथ ही परिवार को डीसी के आवास पर भोजन भी खिलाया गया। जादव ने लड़की के परिवार को मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

पॉक्सो एक्ट के तहत शिक्षिका गिरफ्तार
पुलिस ने कहा कि आरोपी शिक्षक को आईपीसी, पॉक्सो एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है। परिवार को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिले इसके लिए प्रशासन ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।

छात्रा की मां ने भी घटना के बारे में बताया कि किशोरी शिक्षिका द्वारा किए गए अपमान को सहन नहीं कर सकी और उसने स्कूल से लौटने के तुरंत बाद खुद को आग लगा ली। आग से छात्रा गंभीर रूप से झुलस गई जिसके बाद परिवार के सदस्य उसको पास के अस्पताल ले गए और जहां उसका इलाज चल रहा है।

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