केंद्र सरकार ने आईएएस (कैडर) नियमों में एक संशोधन प्रस्तावित किया है जिसके जरिए वह राज्य सरकारों के आरक्षण को दरकिनार करते हुए आईएएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात करने में सक्षम होगी।
भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) कैडर नियमों में प्रस्तावित संशोधनों को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कठोर और एकपक्षीयता को बढ़ावा देने वाला बताया है। सोरेन ने शनिवार को इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा और इन प्रस्तावों को खारिज करने का अनुरोध किया है।
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मुख्यमंत्री सोरेन ने पीएम को अपने पत्र में लिखा है कि झारखंड सरकार को केंद्र की ओर से एक प्रस्ताव मिला है जिसमें आईएएस (कैडर) नियम, 1954 में कुछ निश्चित संशोधन करने के लिए कहा गया है। सोरेन ने लिखा है कि राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में पहले ही इनकार किया जा चुका है।
सोरेन की मांग, इन प्रस्तावों को यहीं 'दफन' कर दे केंद्र सरकार
उन्होंने कहा, 'हमें इन प्रस्तावित संशोधनों के लिए एक और मसौदा प्राप्त हुआ है जो पिछले प्रस्ताव से अधिक कठोर प्रतीत होता है। मैं इन प्रस्तावों के बारे में अपनी आपत्तियों और आशंकाओं को व्यक्त करने के लिए यह पत्र लिखने के लिए विवश हूं और आपसे इसे यहीं खत्म करने का अनुरोध करता हूं।'
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'राज्य के अधिकारियों को नियंत्रित करने की कोशिश है संशोधन'
हेमंत सोरेन ने आगे कहा कि नियमों में यह प्रस्तावित संशोधन सहकारी संघवाद की भावना के विपरीत प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तावित संशोधन उस राज्य के अधिकारियों को नियंत्रित करने का एक प्रयास प्रतीत होता है जहां पर केंद्र में मौजूद पार्टी से अलग किसी अन्य पार्टी की सरकार है।