झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान सोमवार को फिर से सरकार और विपक्ष आमने-सामने होंगे। इस दौरान भारी हंगामा होने के आसार हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक वरिष्ठ नेता ने रविवार को कहा कि पार्टी के नेतृत्व वाला विपक्ष प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को तलब किए जाने का मुद्दा उठाएगा। इसके साथ ही कांग्रेस सांसद के परिसर से 350 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी जब्त होने का मामले में भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
हालांकि, सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो)-कांग्रेस-राष्ट्रीय जनता दल (राजद) गठबंधन का कहना है कि वह सदन में विपक्ष के सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है। बता दें कि विधानसभा का पांच दिवसीय शीतकालीन सत्र शुक्रवार से शुरू हुआ था। सदन की कार्यवाही शुक्रवार को थोड़े समय तक चलने के बाद 18 दिसंबर सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी।
इस बीच झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को अनुच्छेद 370 को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाने से जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए समान अधिकार और कर्तव्य सुनिश्चित हुए हैं। राजभवन में जम्मू-कश्मीर के छात्रों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर हमेशा से हमारे देश का एक अहम हिस्सा रहा है। यह दुनिया की सबसे अच्छी जगहों में से एक है।
उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाने से जम्मू-कश्मीर के लिए विकास के द्वार खुले हैं। अब देशभर के लोग कश्मीर जा सकते हैं और जमीन खरीद सकते हैं। एक कार्यक्रम के तहत जम्मू-कश्मीर के 122 छात्रों ने राजभवन का दौरा किया था। इस दौरान राज्यपाल ने कहा कि लोग भारत आ रहे हैं और देख रहे हैं कि विकास कैसे हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार भी जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए कई जरूरी कदम उठा रहे हैं।